यूरिक एसिड के 12 शुरुआती लक्षण | 12 Symptoms of Uric Acid in Hindi.

यूरिक एसिड के 12 शुरुआती लक्षण | 12 Early Symptoms of Uric Acid in Hindi - रक्त में यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या मुख्यत आपके खानपान से शुरू होती है।
अगर आप संतुलित आहार नहीं ले रहे हैं साथ ही आपके आहार में अनियमितता है, तो संभव है आप भी इसके शिकार हो सकते हैं।
जब हमारे शरीर में प्युरीन का उपापचयन सही ढंग से नहीं हो पाता तो उस स्थति में बनने वाले यूरिक अम्ल की मात्रा हमारे रक्त में बढ़ने लगती है।
जिसकी वजह से रक्तचाप अधिक रहता है, खून में गर्मी का स्तर अधिक हो जाता है और टॉक्सिक पदार्थों की मात्रा में वृद्धि हो जाती है।
जिसके कारण यूरिक एसिड के मरीज को हृदय और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बना रहता है।
साथ ही यूरिक एसिड की यह बढ़ी हुई मात्रा हाथ और पैरों के जोड़ों में जाकर एकत्र होने लग जाती है।
जिसके कारण आर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्याएं जन्म लेती हैं।
Symptoms of Uric Acid in Hindi.
Symptoms of Uric Acid in Hindi
इस लेख में हम बात करने वाले हैं हाई यूरिक एसिड के 12 शुरुआती लक्षणों की।
जिनके आधार पर आप आसानी से जान सकते हो कि आपमें यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा हुआ है।
और इस संदर्भ सचेत रहने के साथ साथ जरूरी सावधानियां बरती जा सकती हैं।
(और पढ़ें : यूरिक एसिड (uric acid in Hindi) का बेस्ट इलाज)

हाई यूरिक एसिड के 12 शुरुआती लक्षण | 12 Early Symptoms of heigh Uric Acid in Hindi.

सामान्य तौर पर हो सकता है शुरुआती दौर में आपको किसी भी प्रकार कोई लक्षण ना दिखें।
लेकिन जब धीरे धीरे इसकी मात्रा बढ़ती है तो उस कंडीशन में आपके जोड़ों, त्वचा और किडनी से जुड़े कई लक्षण दिखाई देते हैं।
हाई यूरिक एसिड के लक्षणों में मुख्यत -

1. उच्च रक्तचाप -

अगर आपमें हाई यूरिक एसिड की समस्या है तो उस स्थति में उच्च रक्तचाप की समस्या का भी सामना करना पड़ता है।
क्योंकि रक्त में यूरिक एसिड की अधिकता की वजह से आपके रक्त का संचरण तेज हो जाता है।

2. जोड़ों में संक्रमण -

यूरिक एसिड की अधिकता होने पर जोड़ों और त्वचा में संक्रमण बढ़ जाता है।
त्वचा का संक्रमण रक्त की टॉक्सिसिटी के कारण होता है।
अगर रक्त में यूरिक एसिड अधिक है तो टॉक्सिक पदार्थों की मात्रा भी अधिक होगी।
जोड़ों में संक्रमण के आधार पर बढ़े हुए यूरिक एसिड का अंदाजा लगाया जा सकता है।
(और पढ़ें : गठिया (आर्थराइटिस) का अचूक इलाज)

3. गाउट -

अगर लगातार आपके रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ी रहती है तो समय के साथ वह गाउट जैसी दर्दनाक बीमारी के रूप में तब्दील हो जाती है।
अगर आपको जोड़ों में अचानक तीव्र दर्द का अहसास होता है, तो यह यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है।

4. दाएं कंधे में दर्द -

जिन लोगों में यूरिक एसिड का स्तर अधिक होता है उनमें इसके शुरुआती लक्षण के तौर पर दाएं कंधे में दर्द की शिकायत रहती है।
अगर आपको भी यह लक्षण दिखें तो इस संदर्भ में सावधानी बरतने की जरूरत है।

5. जोड़ों में अकड़न -

हाइपरउरेसिमिया की स्थति में अक्सर जोड़ों में अकड़न बनी रहती है।
खासकर यह समस्या सुबह के समय ज्यादा होती है।
जो अधिकतर पैर व हाथों के जोड़ों में देखने को मिलती है।
अगर सुबह के समय आपके हाथ पैरों के जोड़ अकड़े रहते हैं तो यह यूरिक एसिड का एक बड़ा लक्षण हो सकता है।
(और पढ़ें : कमर दर्द का इलाज)

6. पैरों के तलवों और हथेलियों में चुभन -

खून में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने पर हाथों की हथेली और पैरों के तलवों में कांटे जैसी चुभन होती है।
अगर चलते समय आपको अपने पैरों में कंकर जैसा अहसास होता है, तो यह भी यूरिक एसिड का प्रमुख लक्षण हो सकता है।

7. सूजन -

अगर हाथ व पैरों के जोड़ों में सूजन रहती है तो उस स्थति में यूरिक एसिड की जांच करवानी चाहिए।
क्योंकि बिना वजह जोड़ों में सूजन यूरिक एसिड की बढ़ी हुई मात्रा की ओर संकेत करता है।

8. लालपन -

रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने पर जोड़ों की त्वचा में लाली आ जाती है।
इस स्थति में आपके हाथ व पैर के जोड़ों में गर्माहट रहती है।
यह भी यूरिक एसिड का शरुआती लक्षण हो सकता है।
(और पढ़ें : किडनी स्टोन का इलाज)

9. किडनी स्टोन -

अगर आपमें बार बार किडनी स्टोन की शिकायत रहती है और जोड़ों में दर्द रहता है तो इस स्थति में आपको संभल जाना चाहिए।
क्योंकि यह आपमें यूरिक एसिड की बढ़ी हुई मात्रा के कारण भी हो सकता है।

10. घाव बनना -

यूरिक एसिड की गंभीर स्थति में त्वचा पर घाव बन जाते हैं तथा त्वचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती है।
जिसके कारण जोड़ों से यूरिक एसिड बाहर निकलने लग जाता है, यह एक गंभीर दर्दनाक स्थति होती है।

11. जोड़ों की गति बाधित होना -

यूरिक एसिड हड्डियों में जमा होने पर धीरे धीरे आपके जोड़ों की गति को बाधित कर देता है।
यहां तक कि आपके हाथ व पैर एक निश्चित सीमा तक ही गति कर पाते हैं।

12. हड्डियों में विकृति आना -

यूरिक एसिड के शुरुआती दौर में यह समस्या नहीं होती है।
लेकिन जब यूरिक एसिड जोड़ों में इकठ्ठा होने लग जाता है तो बाद में यह स्थति हड्डियों में अपंगता लाने का काम करती है।
(और पढ़ें : हाइट कैसे बढ़ाएं बेस्ट तरीका)

सावधानियां -

  1. अधिक प्रोटीन युक्त खानपान से परहेज़ रखें।
  2. यूरिक एसिड के लक्षणों का आभास होने पर जांच जरूर करवाएं।
  3. एल्कोहोलिक पदार्थों से हमेशा दूरी बनायेगें।
  4. खानपान में खट्टे पदार्थों का मिश्रण रखें।
  5. तैलीय खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।

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