शुगर (Diabetes) के 15 शुरुआती लक्षण | Diabetes ke lakshan.

शुगर (Diabetes) के 15 शुरुआती लक्षण (sugar ke lakshan) | Diabetes ke lakshan | Symptoms of Diabetes in Hindi - शुगर को कई नामों (शुगर, डायबिटीज़, मधुमेह, प्रमेह) आदि से जाना जाता है।
यह पुराने समय से ही चली आ रही एक असामान्य स्थति है जो हमारे रक्त में शर्करा या ग्लूकोज की अधिकता के कारण पैदा होती है।
रक्त में शर्करा की मात्रा पेनक्रियाज में बनने वाले इंसुलिन हार्मोन पर निर्भर होती है।
क्योंकि इंसुलिन हार्मोन के कारण ही ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाया जाता है।
यदि किसी कारणवश आपके पेनक्रियाज की कार्य क्षमता विघटित हो जाती है। तो उस स्थति में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन न बन पाने के कारण ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता और रक्त में इसकी मात्रा बढ़ती जाती है।
(और पढ़ें : शुगर का सबसे बेहतर और स्थाई इलाज)

शुगर (Diabetes) के 15 शुरुआती लक्षण | Diabetes ke lakshan | Symptoms of Diabetes in Hindi.

आजकल अधिकतम लोग दवाओं या इंसुलिन हार्मोन के इंजेक्शन के माध्यम से ही अपने शुगर लेवल को नोर्मल रखते हैं।
लेकिन यह इसका स्थाई इलाज नहीं है साथ ही इन दवाओं की आवश्यकता बढ़ती जाती है।
और मरीज अन्य कई तरह की समस्याओं से घिरा रहता है।
नियमित रूप से योग प्राणायाम और आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से शुगर या डायबिटीज़ को स्थाई रूप से खत्म किया जा सकता है।
साथ ही आपको अनेकों तरह की समस्याओं से भी निजात मिलती है और आपका शरीर चुस्त और तंदुरुस्त बना रहता है।
इस लेख के अंदर हम बात करने वाले हैं शुगर या डायबिटीज़ के 15 ऐसे लक्षणों की जिनके माध्यम से आप पता लगा सकते हो कि आपमें शुगर या ग्लूकोज लेवल बढ़ा हुआ है।
इन लक्षणों के द्वारा आप शुरुआती दौर में ही इसकी पहचान कर सावधानियां बरत सकते हो।
ताकि डायबिटीज़ की समस्या को गंभीर रूप लेने से पहले ही खत्म किया जा सके।
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Sugar (diabetes) ke lakshan | diabetes ke lakshan | Symptoms of Diabetes in Hindi.

1. बार बार मूत्र का आना -

शुगर या डायबिटीज़ के लक्षणों में मूत्र का बार बार आना एक प्रमुख लक्षण है।
डायबिटीज़ के कारण मरीज के शरीर में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है।
इसी वजह से शर्करा को रक्त से अलग करने के लिए किडनियों को अतिरिक्त कार्य करना पड़ता है।
जिसके कारण बार पिशाब आने की समस्या रहती है।
साथ ही रक्त में ग्लूकोज की मात्रा अधिक होने के कारण शरीर की नसें कमजोर हो जाती हैं।
इस स्थति में आपका मूत्राशय अधिक देर तक अधिक मूत्र को इकठ्ठा नहीं रख सकता है और बार बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है।
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2. असामान्य तरीके से वजन अधिक होना या कम होना -

शुगर के लक्षणों में वजन का असामान्य रूप से घटना या बढ़ना भी एक प्रमुख लक्षण है।
रक्त में अधिकतम शर्करा की मात्रा जो की मूत्र मार्ग से होकर बाहर निकल जाती है।
उसके साथ आपके शरीर से कैलोरी और अन्य कई तत्वों का भी निष्कासन कर दिया जाता है।
इस वजह से असामान्य रूप से डायबिटीज़ वाले मरीज का वजन घटता है।
इसके साथ ही ली जाने वाली शुगर या डायबिटीज़ की दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण आपका वजन असामान्य रूप से बढ़ भी सकता है।
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3. चेहरे से तेज खत्म होना और मुंह का शुष्क रहना -

शुगर की गंभीर स्थति में रक्त से शर्करा के अवशोषण के लिए अधिकतम पानी की जरूरत होती है।
इस स्थति में आपका मुंह हमेशा शुष्क और चेहरे से तेज खत्म होकर झाइयां आ जाती हैं।

4. हमेशा थका हुआ महसूस करना और काम में मन न लग पाना -

हमारे शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा ग्लूकोज के माध्यम से ही मिलती है।
जो की शरीर को हमेशा ऊर्जावान और स्फूर्तिवान बनाए रखने के लिए जरूरी है।
लेकिन ग्लूकोज को रक्त से कोशिकाओं में जाने के लिए इंसुलिन हार्मोन कि जरूरत रहती है।
इंसुलिन की कमी की वजह से ग्लूकोज कोशिकाओं तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता और कोशिकाओं को कार्य करने के लिए ऊर्जा नहीं मिलती।
इसीलिए शुगर के मरीज का मन काम में नहीं लगता और हमेशा अपने आप को थका हुआ महसूस करता है।
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5. भूख और प्यास अधिक लगाना और सहन न कर पाना -

डायबिटीज के मरीज को भूख अधिक लगती है और वह उसे सहन भी नहीं कर सकता।
क्योंकि रक्त में ग्लूकोज का घटना बढ़ाना लगा रहता है।
शुगर कम होने पर ऊर्जा के लिए शरीर को ग्लूकोज की जरूरत महसूस होती है इस वजह से भूख अधिक लगती है।
रक्त से ग्लूकोज के अवशोषण के लिए पानी की ज्यादा जरूरत होती है इसी वजह से शुगर के मरीजों को अधिक प्यास लगती है।
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6. अधिक भूख लगने पर चक्कर आना -

डायबिटीज के मरीजों में कोशिकाओं तक ग्लूकोज न पहुंच पाने के कारण ऊर्जा का निर्माण नहीं होता और ऊर्जा की कमी से चक्कर आने शुरू हो जाते हैं।

7. हमेशा चिड़चिड़ेपन की स्थति में रहना -

रक्त में इंसुलिन के उतार चढ़ाव या कमी की वजह से व्यक्ति के मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा नहीं मिल पाती है।
जिसकी वजह से उसकी कार्य क्षमता प्रभावित होती है और व्यक्ति तनाव और चिडचिडेपन का शिकार हो जाता है।
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8. किसी भी तरह के संक्रमण के प्रति संवेदनशलता रखना -

शुगर की अधिकता के कारण हमारे शरीर की रोग प्रतरोधक क्षमता धीरे धीरे कमजोर पड़ जाती है।
इसकी वजह से हमारा शरीर किसी भी तरह के संक्रमण का विरोध नहीं कर पाता और उसके प्रति संवेदनशील हो जाता है।

9. रक्त का पतला हो जाना -

शुगर की बढ़ी हुई मात्रा के कारण व्यक्ति का रक्त पतला हो जाता है।
जिसके कारण हल्की चोट के बाद ही उसे रक्त बहने लगता है और रक्त का थक्का बनने में भी परेशानी आती है।
जिसके कारण किसी भी तरह के घाव को भरने में अधिक समय लगता है और वह संक्रमण के प्रति भी संवेदनशील रहता है।
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10. त्वचा से संबंधित समस्याओं से घिरे रहना -

डायबिटीज के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है।
जिसके कारण त्वचा में एलर्जी सहित कई तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं।
शरीर में पानी की कमी के कारण त्वचा शुष्क और बेजान रहती है।

11. अक्सर उल्टी और मतली की शिकायत रहना -

डायबिटीज़ के मरीजों में अक्सर उल्टी व मतली आने की शिकायत रहती है।
इसका कारण शरीर में बढ़ा हुआ शुगर लेवल ही है।

12. नजर कमजोर हो जाना -

शुगर के मरीजों में ब्लड शुगर की अधिकतम मात्रा के कारण आंखों से संबंधित कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं।
क्योंकि निर्जलीकरण के कारण आपकी आंखों के लेंस में सूजन आ सकती है।
इसके साथ ही शरीर में ब्लड शुगर अधिक होने के कारण आंखो और लेंस की आकृति में भी बदलाव आता है।
जिसकी वजह से आपकी नजर कमजोर होने के साथ साथ आंखों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
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13. हाथ, पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट और जलन की शिकायत रहना -

ब्लड शुगर की अधिकतम मात्रा के कारण डायबिटीज़ के मरीज की तंत्रिकाओं को बड़ा नुकसान होता है।
इसके परिणाम स्वरूप हाथ पैरों में सूनापन, झनझनाहट, और जलन जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
तंत्रिका क्षति की वजह से पुरानी चोट के दर्द भी व्यक्ति में पनपने लग जाते हैं।

14. सिर दर्द और बेचैनी की शिकायत रहना -

शरीर में शुगर लेवल अधिक होने के कारण हमेशा बेचैनी और सिर दर्द की शिकायत रहती है।
क्योंकि इंसुलिन की कमी की वजह से आपके शरीर के सभी अंगों की कोशिकाओं को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा नहीं मिल पाती है।
जिसके कारण वह अंग संबंधित प्रतिक्रिया दर्शाता है।
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15. नपुंसकता का शिकार होना -

बढ़े हुए शुगर लेवल के कारण जन्नगों की कार्य प्रणाली बुरी तरह प्रभावित होती है।
जिसके कारण उनकी कार्य क्षमता में कमी आती है और व्यक्ति को नपुंसकता का भी सामना करना पड़ सकता है।

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