शुगर का बेस्ट अचूक इलाज | Diabetes mellitus in Hindi.

शुगर का बेस्ट अचूक इलाज - Sugar Ka ilaj | Diabetes mellitus in Hindi - डायबिटीज जिसे हम सामान्यतः शुगर, मधुमेह और प्रमेह आदि के नाम से भी जानते हैं।
यह एक प्रकार की ऑटो इम्यून डिजिज, यानी स्व: प्रतिरक्षा तंत्र में खराबी के कारण पैदा होने वाली समस्या है।
दुनिया भर में करोड़ों लोग इस समस्या से झूज रहे हैं लेकिन भारत में इसके मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है।
एलोपैथिक दवाओं में शुगर का कोई निश्चित और स्थाई इलाज नहीं है।

लेकिन आयुर्वेद में इसके अनेकों तरह के प्रभावी इलाज हैं।
जिनका प्रयोग कर आप आसानी से इस समस्या से स्थाई रूप से छुटकारा पा सकते हो।
लेकिन इसके लिए आपको अपने खानपान और दिनचर्या में हमेशा ध्यान देना होता है।
वैसे निश्चित तौर पर यह ज्ञात नहीं है की इसका प्रमुख कारण क्या है लेकिन स्थति के आधार पर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
Sugar ka ilaj
Sugar ka ilaj
जब हमारे रक्त में जरूरत से ज्यादा शुगर या शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है और वह लगातार बनी रहती है तो उस स्थति को शुगर, डायबिटीज, मधुमेह या प्रमेह के नाम से जाना जाता है।
आज हम जानेगें शुगर खत्म करने का तरीका, sugar ka ilaj, diabetes mellitus in hindi, शुगर के घरेलू इलाज, आयुर्वेदिक दवा, मधुमेह का उपचार, sugar ke lakshan इत्यादि।
(और पढ़े : डायबिटीज़ के लिए डायट प्लान)

शुगर खत्म करने का बेस्ट तरीका (शुुगर का बेस्ट इलाज) | Diabetes mellitus in Hindi.

हमारे शरीर में एक पेनक्रियाज नाम की ग्रंथि या ग्लैंड होती है जिससे इंसुलिन नाम के हार्मोन का श्रवण लगातार हमारे रक्त में होता रहता है।
क्योंकि जो हम खाना खाते हैं वह आगे जाकर कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों में विघटित होता है।
इन्हीं पोषक तत्वों से हमारे शरीर को ऊर्जा और पोषण देने के लिए ग्लूकोज आदि का निर्माण किया जाता है।
अब बने इस ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचने का कार्य पेनक्रियाज से निकलने वाला इंसुलिन हार्मोन करता है।
अगर किसी कारणवश इस हार्मोन का स्राव कम हो या बिल्कुल ना हो तो इस स्थति में यह ग्लूकोज हमारे रक्त में ही इकठ्ठा होने लग जाता है और डायबिटीज की समस्या पैदा हो जाती है।
रक्त में शर्करा की अधिक मात्रा होने की स्थति में हमें डायबिटीज या शुगर के साथ अनेकों तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
वहीं दूसरी और कोशिकाओं में पर्याप्त ग्लूकोज ना पहुंच पाने की स्थति में इससे सम्बंधित अनेकों तरह के लक्षण दिखाई देते हैं और संबधित स्थति से जूझना पड़ता है।

शुगर (diabetes) के प्रकार (Types of diabetes in Hindi) -


शुगर या डायबिटीज मुख्यत तीन प्रकार की होती है।

टाइप 1 डायबिटीज -

शुगर या डायबिटीज का यह प्रकार हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली में खराबी के कारण पैदा होता है।
इसके अंदर हमारे शरीर की प्रतिरक्षा पैनक्रियाज की इंसुलिन हार्मोन का निर्माण करने वाली कोशिकाओं को धीरे धीरे खत्म कर देता है।
जिसकी वजह से पैनक्रियाज इंसुलिन का निर्माण नहीं कर पाता और खाए गए भोजन से बना ग्लूकोज रक्त में बढ़ने लगता है।
जिससे डायबिटीज की समस्या पैदा हो जाती है।
शुगर का यह प्रकार आमतौर पर कम उम्र वाले लोगों में अधिक पाया जाता है लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
इस तरह की डायबिटीज से पीड़ित लोगों को रक्त में शर्करा की मात्रा नोर्मल रखने के लिए या तो हमेशा बाहर से इन्सुलिन लेना पड़ता है।
या फिर आयुर्वेद और योग प्राणायाम आदि के माध्यम से अपने ग्लूकोज लेवल को सामान्य रखना पड़ता है।

टाइप 2 डायबिटीज -

शुगर या मधुमेह का यह प्रकार आमतौर पर वयस्क लोगों में अधिक देखने को मिलता है।
डायबिटीज के इस प्रकार में या तो पेनक्रियाज से पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का स्राव नहीं हो पाता या फिर स्रावित हुए इंसुलिन का सही से इस्तेमाल नहीं हो पाता।
दूसरे प्रकार का यह डायबिटीज सबसे आम डायबिटीज है।
अगर सही से आयुर्वेद अपनाया जाए तो इसे आसानी से हमेशा हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है।

जेस्टेशनल डायबिटीज़ -

शुगर का यह प्रकार गर्भवती महिलाओं में होता है।
गर्भावस्था के समय भ्रूण को पोषण प्रदान करने के लिए ग्लूकोज की कुछ मात्रा भ्रूण तक पहुंचाई जाती है।
जिसके लिए इंसुलिन का स्राव शरीर में कम होता है।
लेकिन कई महिलाओं में ग्लूकोज की यह मात्रा रक्त में अधिक हो जाती है इस वजह से जेस्टेशनल डायबिटीज की समस्या होती है।
सामान्यतः यह स्थति गर्भावस्था के समय रहती है बाद में स्वत ही सामान्य हो जाती है।
लेकिन इसकी वजह से महिलाओं में दूसरे प्रकार की डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
(और पढ़ें : शुगर में क्या खाना चाहिए)

शुगर के लक्षण क्या हैं - (Shugar ke lakshan).

जब किसी कारणवश रक्त में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का स्राव नहीं हो पाता या बिल्कुल भी नहीं होता है।
तो उस स्थति में ग्लूकोज की मात्रा रक्त में अधिक हो जाती है।
जिसकी वजह व्यक्ति को कई तरह समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उससे पहले, शुरुआती दौर में और डायबिटीज बढ़ी हुई होने के दौरान उसे कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं जिनमें से मुख्य हैं -
  • हर समय अधिक थका हुआ महसूस करना।
  • असामान्य रूप से या बार बार पेशाब आना।
  • मुंह में सूखापन और बार बार प्यास महसूस होना।
  • असामान्य रूप से वजन बढ़ जाना या घट जाना।
  • अक्सर बेचैनी, मतली और उल्टी आदि की शिकायत रहना।
  • त्वचा में एलर्जी, चकत्ते और खुजली आदि की शिकायत रहना।
  • भूख सहन न कर पाना और अधिक भूख लगाना।
  • चक्कर आने की शिकायत होना।
  • हाथ, पैरों में जलन, सूनापन और झनझनाहट रहना।
  • असमय नजर का कमजोर हो जाना।
  • भूलने की शिकायत रहना।
  • कमजोरी महसूस करना।
  • कट फट जाने की स्थति में अधिक रक्त का बहना और जल्दी घाव न भरना।
आदि लक्षण शुगर या डायबिटीज की शुरुआत और इसकी स्थति के दौरान देखने को मिलते हैं।
अगर आपको पहले से ही पता है कि आप डायबिटीज के मरीज हो और इस प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं, तो इसका मतलब है कि आपमें शुगर अधिक बढ़ी हुई है।
और अगर आप डायबिटीज के मरीज नहीं हैं और इनमें से कोई लक्षण दिखाई देता है तो तुरंत आपकी शुगर की जांच करवानी चाहिए।

शुगर के कारण बताइए - (sugar ke karn).

टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज का अभी तक निश्चित रूप से सटीक कारण का पता नहीं लग पाया है।
फिर भी इसके कुछ मुख्य कारण निम्न हो सकते हैं जैसे कि -

खराब प्रतिरक्षा प्रणाली -

कई बार आपका प्रतिरक्षा तंत्र कुछ गड़बड़ियों की वजह से पैनक्रियाज की इंसुलिन का निर्माण करने वाली कोशिकाओं को नृष्ट कर देता है।
इस कारण भी आपमें टाइप 1 डायबिटीज की स्थति पैदा हो सकती है।

वजन अधिक होना -

यदि आपका वजन अधिक है तो उस स्थति में भी आप डायबिटीज के शिकार हो सकते हो।
क्योंकि वजन अधिक होने की स्थति में आपके कोशिका ऊतकों के आकार में वृद्धि हो जाती है।
जिसकी वजह से इन्सुलिन की कार्य प्रणाली ठीक से परिपूर्ण नहीं हो पाती।

अनुवांशिकता -

अगर आपके परिवार में किसी निजी संबंधी को यह समस्या है तो आपमें भी इसके होने का चांस बन सकता है।

पोषण संबंधी कारक -

विटामिन डी की कमी और अधिक मात्रा में मीठे का प्रयोग करने के कारण भी शुगर लेवल हाई रहता है।

फिजिकल एक्टिविटी -

व्यक्ति की शारीरिक गति हीनता भी डायबिटीज का कारण बन सकती है।
वे लोग जो ज्यादा मेहनत का काम नहीं करते या अधिक समय तक बैठे रहते हैं उनमें शुगर का खतरा बना रहता है।
क्योंकि बैठे रहने या मेहनती काम ना कर पाने की स्थति में शरीर की कोशिकाओं को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती।
जिसकी वजह से ग्लूकोज की उन्हे जरूरत नहीं होती है और वह रक्त में जमा होने लग जाता है।

उम्र संबंधित कारक -

व्यक्ति की आयु बढ़ने के साथ साथ अनेकों बीमारियों सहित टाइप 2 डायबिटीज का भी खतरा बना रहता है।

कुछ बीमारियां -

उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड आदि के कारण भी शुगर का खतरा बना रहता है।

प्रेग्नेंसी -

गर्भधारण की स्थति में महिला को अपने भ्रूण के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता रहती है।
इस कारण उसके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है।
जिसकी वजह से कई महिलाओं को इस दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज का शिकार होना पड़ता है।
Sugar ka ilaj
Sugar ka ilaj

शुगर का घरेलू उपचार | शुगर का प्राकृतिक इलाज | Diabetes mellitus in Hindi.

यहां हम बात करने वाले हैं 21 ऐसे बेहतरीन आयुर्वेदिक और घरेलू उपचारों की जिनका प्रयोग करके आप आसानी से अपनी डायबिटीज को कंट्रोल रखने के साथ साथ उसे पूरी तरह खत्म कर सकते हो।
शुगर की बीमारी एक ऐसी समस्या है जिसके लिए जीवन भर आपको दवा खानी पड़ती है।
लेकिन अगर आप आयुर्वेद अपनाते हो और नियमित रूप से योग प्राणायाम करने के साथ अपनी जीवनशैली में बदलाव करते हो तो निश्चित रूप से आप इस समस्या से निजात पा सकते हो।
इसकी हमें पूरी उम्मीद है कि यहां बताया हुआ एक - एक नुस्खा आपकी शुगर की समस्या के लिए रामबाण औषधि की तरह कार्य करेगा।

1. मेथीदाना से शुुगर का इलाज -

मैथीदाने और निबोली का यह मिश्रण आपके शुगर लेवल को बहुत जल्दी कंट्रोल करता है।
इस दवा की मदद से आप कुछ ही दिनों में अधिक से अधिक शुगर लेवल को आसानी से सामान्य रख सकते हो।
डायबिटीज के लिए यह एक बहुत ही अच्छा आयुर्वेदिक उपाय है।
जिसका असर सीधे आपके पेनक्रियाज और खून में शुगर की बढ़ी हुई मात्रा पर होता है।

क्या चाहिए -

  1. मेथीदाना 50 ग्राम
  2. गुड़मार 50 ग्राम
  3. जामुन की गुठली 100 ग्राम
  4. नीम की निंबोली 50 ग्राम
  5. सूखे करेले का पाउडर 50 ग्राम

कैसे तैयार करें -

इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले आप नीम की निंबोली, गुड़मार, सूखा करेला, जामुन की गुठली और मेथीदाना बराबर की मात्रा में लेकर एक बारीक पाउडर तैयार करें।
तैयार करने के बाद आप इस पाउडर को किसी एयरटाइट जार में भर कर रख लें।

कैसे इस्तेमाल करें -

इस नुस्खे का प्रयोग करने के लिए आपको खाली पेट होना जरूरी है।
जब भी आप इसका प्रयोग करें तो खाली पेट ही करें।
अगर आपका शुगर लेवल ज्यादा बढ़ा हुआ है तो इस स्थति में सुबह शाम रोज खाली पेट एक चम्मच की मात्रा में इस पाउडर का इस्तेमाल करें।
और यदि कम बढ़ा हुआ है तो इस स्थति में सुबह शाम आधी चम्मच की मात्रा में ही इसका प्रयोग करें।
एक बात का विशेष ध्यान रखें यदि आप किसी भी प्रकार की दवा या इंसुलिन का प्रयोग कर रहे हो तो उस स्थति में एकाएक उस दावा को ना छोड़ें बल्कि रोज धीरे धीरे उसकी मात्रा कम करते रहें।
जब केवल इस नुस्खे की मदद से ही आपका शुगर सामान्य रहने लगें उसके बाद धीरे धीरे इस नुस्खे का भी प्रयोग कम कर दें।
यदि आप नियमित रूप से योगासन आदि करते हो तो आपको डायबिटीज में बहुत जल्दी और प्रभावी सुधार देखने को मिलेगा।
अंत में आप किसी भी प्रकार की दवा का प्रयोग ना करें।
केवल योगासनों के माध्यम से ही अपने शुगर लेवल को नोर्मल रखने की कोशिश करें।
(और पढ़ें: शुगर या डायबिटीज़ के शुरुआती लक्षण)

2. कड़ी पत्ते और सदाबहार से शुगर तुरंत कम करने के उपाय -

शुगर या डायबिटीज को जड़ खत्म करने के लिए सदाबहार का फूल और कड़ी पत्ता भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।
इस नुस्खे का इस्तेमाल कोई भी महिला या पुरुष, बच्चा या बड़ा आसानी से कर सकता है।

क्या चाहिए -

  1. 8 से 10 सदाबहार के फूल
  2. 7 से 9 कड़ी पाते
  3. 1 बिल्व पत्र

कैसे तैयार करें -

इसे तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले सदाबहार के फूल, कड़ी पत्ते और बिल्व पत्र को बताई गई मात्रा में लेकर अच्छे से धोकर साफ कर लेना है।
इसके बाद आप इन्हे किसी पत्थर या लकड़ी की खरल में चला कर एक बारीक चटनी बनाए।
और एक बारीक कपड़े की मदद से इसके पूरे रस को निचोड़ लें।

कैसे इस्तेमाल करें -

इसका इस्तेमाल आप सुबह शाम खाली पेट करें।
ध्यान रहे इस दवा के इस्तेमाल के 30 मिनट बाद तक किसी भी चीज का सेवन ना करें।
साथ ही आप धीरे धीरे अपनी नियमित दवाओं की मात्रा कम करते रहें।
इसके इस्तेमाल से आपका डायबिटीज हमेशा नोर्मल रहेगा और आपको धीरे धीरे किसी भी दावा की जरूरत नहीं पड़ेगी।
(और पढ़ें: शुगर के लिए सबसे बेस्ट योगा)

3. जीरे और गुड़मार से शुगर को जड़ से खत्म करने के उपाय -

बढ़ी हुई शुगर के इलाज के लिए यह नुस्खा भी एक बहुत ही बेहतरीन नुस्खा है।
इसकी मदद से भी आप आसानी से बढ़े हुए शुगर लेवल या डायबिटीज को सामान्य रख सकते हो।
साथ ही कुछ दिनों के लगातार प्रयोग के बाद आप इस समस्या से पूरी तरह निजात भी पा सकते हो।

क्या चाहिए -

  1. 100 ग्राम गुड़मार
  2. 8 से 10 छोटी इलायची
  3. 50 से 60 ग्राम जीरा

कैसे बनाए -

इस नुस्खे को बनाने के लिए सबसे पहले आपको अच्छी गुणवत्ता वाली गुड़मार, जीरा और इलायची आदि को लेकर एक महीन चूर्ण तैयार कर लेना है।

कैसे प्रयोग करें -

प्रयोग करने के लिए सबसे पहले आप बनाए गए चूर्ण की तीन से चार चम्मच मात्रा 1 लीटर पानी में डाल कर रात भर भीगने के लिए छोड़ देना है।
इसके बाद सुबह आप इस पानी को उबाल लें।
जब यह अच्छे से उबल जाए तब इसे ठंडा करके छान के रख लें।
अब एक एक गिलास की मात्रा सुबह, दोपहर और शाम खाली पेट इसका इस्तेमाल करें।
यकीन मानिए कुछ दिनों के इस्तेमाल से ही आपकी शुगर की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

4. विजय सार से शुगर खत्म करने का तरीका -

डायबिटीज़ को जड़ से खत्म करने के लिए पुराने समय से ही आयुर्वेद में विजय सार का प्रयोग किया जाता आ रहा है।
यह इतना प्रभावी है कि पहले दिन से ही आपका शुगर सामान्य स्थति में आ जाता है।
विजय सार हमारे खून में मौजूद अतिरिक्त शर्करा का अवशोषण कर हमारी पेनक्रियाज की कार्य क्षमता में वृद्धि करता है।
इसके नियमित प्रयोग से आप महंगी दवाओं और इंसुलिन लेने से बच सकते हो।

क्या चाहिए -

  1. विजय सार 50 ग्राम
  2. कुटकी 40 ग्राम
  3. गुड़मार 50 ग्राम
  4. करेले के बीज 30 ग्राम

कैसे बनाए -

इस नुस्खे को तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले बताई गई सभी चीजों को इसी मात्रा में लेकर एक बारीक पाउडर तैयार कर लेना है।

कैसे प्रयोग करे -

डायबिटीज़ की हर दवा का प्रयोग हमेशा खाली पेट ही किया जाता है।
ताकि खाने के बाद बढ़ने वाली शुगर की मात्रा को नोर्मल रखा जा सके।
अतः इस चूर्ण का प्रयोग भी आप सुबह शाम खाली पेट एक चम्मच की मात्रा में ही करें।
इससे आपका शुगर लेवल हमेशा नोर्मल रहेगा और बाद में धीरे धीरे आप इसकी भी मात्रा कम करते हुए इसे छोड़ सकते हो।
लेकिन उसके लिए नियमित रूप से योग प्राणायाम की जरूरत होती है।
अतः अपनी सुबह की शुआत योग प्राणायाम से ही करें।
(और पढ़ें: कील मुंहासों का पक्का इलाज)

5. इंद्रायण से पाएं मधुमेह से छुटकारा -

पुराने समय से ही इंद्रायण को अनेकों तरह की बीमारियों में एक बहुत ही बेहतरीन औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता आ रहा है।
यह औषधीय गुणों से भरपूर बेल होती है जिसके पत्ते, फल, और जड़ बहुत गुणकारी होते हैं।
डायबिटीज़ के लिए इंद्रायण का प्रयोग भी बहुत ही बेहतर और रामबाण इलाज है।
इंद्रायण के प्रयोग से आप बहुत ही आसानी से अपने बढ़े हुए शुगर लेवल को कंट्रोल कर उसे हमेशा के लिए खत्म कर सकते हो।
यकीन मानिए शुगर में इसके इतने बेहतरीन परिणाम हैं कि पहले दिन से ही आपको किसी भी तरह की दवा की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्या चाहिए -

  1. 2 किलो ताजा इंद्रायण
  2. 50 ग्राम खतीरा
  3. सरस के बीज 50 ग्राम

कैसे तैयार करें -

इंद्रायण को आप अलग अलग प्रकार से इस्तेमाल कर सकते हो।
एक तो केवल ताजा इंद्रायण का प्रयोग किया जाता है।
और एक ऊपर बताए अनुसार इसे सुखाकर खतीरा और सरस के बीजों के साथ पाउडर बनाया जाता है।

कैसे इस्तेमाल करें -

शुगर के इलाज के लिए सबसे पहले दो से तीन ताजा इंद्रायण फलों को एक बढ़े टब जिसमें आप आसानी से खड़े हो सके, में डाल कर उन्हें अपने पैरों से कुचलते रहें।
ऐसा तब तक करें जब तक कि आपके मुंह में कड़वाहट न आ जाए।
इस तरह नियमित रूप से जब भी आपको समय मिले तो दिन में एक बार जरूर करें।
इसके बाद आपको इसका एक पाउडर तैयार करना है।
इसके लिए आपको सबसे पहले इंद्रायण फलों को सुखाकर खतीरा और सरस के बीजों के बराबर लेकर इसका पाउडर बनाना है।
और इसका इस्तेमाल आपको 1/2 चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम खाली करना है।
यकीन मानिए इस नुस्खे के बाद पहले दिन से ही आपको अपनी डायबिटीज़ में बहुत ही बेहतर सुधार देखने को मिलेगा।
(और पढ़ें: शुगर के लिए क्या खाना चाहिए)

6. अमरूद के पत्ते डायबिटीज की रामबाण दवा -

अमरूद की पत्तियों का ज्यूस बना कर भी आप आसानी से अपने शुगर लेवल को नोर्मल रख सकते हो।
आप चाहो तो इसकी पत्तियों का पाउडर और चटनी बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हो।
इसकी पत्तियों में भी कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं जिनके कारण यह हमारे शुगर के इलाज में अपनी अहम भूमिका अदा करती है।
इसकी चटनी बनाने के लिए कालीमिर्च का इस्तेमाल करें और ज्यूस में जामुन के पत्तों को बराबर मात्रा में जरूर शामिल करें।

7. करेला से शुुगर का उपचार -

शुगर के मरीजों के लिए करेले का ज्यूस भी बेहद असरदार औषधि है।
यह स्वाद में कड़वा होता है जिसके कारण शरीर की अतिरिक्त शर्करा के अवशोषण का काम करता है।
डायबिटीज़ में इसके ज्यूस का इस्तेमाल पुराने समय से ही किया जाता आ रहा है।
आप चाहो तो इसकी सब्जी और इसे सुखा के पाउडर बना कर भी इस्तेमाल कर सकते हो।
अगर आप नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में करेले को किसी भी रूप में इस्तेमाल कर लेते हो तो इसका एक बार का इस्तेमाल दिन भर हमारे शुगर को नोर्मल रख सकता है।
साथ ही करेले के पानी में अपने पैरों को डुबो कर रखने से भी शुगर लेवल नोर्मल रहता है।
इसके लिए 1/2 किलो करेले लेकर इन्हे अच्छे से कूट पीट कर एक टब में थोड़े से पानी से साथ मिला लें।
इसके बाद अपने पैरों को इसमें डुबो कर रखें जब तक कि आपके मुंह तक कड़वाहट न पहुंच जाए।
इससे भी आपके डायबिटीज़ का स्तर सामान्य रहता है।

8. कलौंजी से आयुर्वेद में शुुगर का इलाज -

माना जाता है कि कलौंजी से मौत के सिवा हर बीमारी का इलाज किया जा सकता है।
आयुर्वेद में कलौंजी को गंजापन, मोटापा, सफेद बाल, नपुंसकता, डायबिटीज़ जैसी अनेकों समस्याओं के लिए बहुत ही अच्छी औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
शुगर की समस्या को खत्म करने के लिए आप कलौंजी का भी इस्तेमाल कर सकते हो।
इससे भी आपकी शुगर की समस्या धीरे धीरे जड़ से खत्म हो जाती है।

क्या चाहिए -

  1. कलौंजी 50 ग्राम
  2. त्रिफला पाउडर 50 ग्राम
  3. मेथीदाना 100 ग्राम

कैसे बनाए -

इसे तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले कलौंजी को हल्का सा सेंक कर बारीक पीस लेना है।

कैसे इस्तेमाल करें -

इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको रात को सोते समय मैथीदाने, त्रिफला पाउडर और कलौंजी के पाउडर को अलग अलग भीगने के लिए रख देना है।
सुबह खाली पेट सबसे पहले भीगे हुए मैथीदाने को चबा चबा कर खा लें।
और ऊपर से भिगोए हुए पानी को जरूर पिएं।
इसके कुछ देर बाद त्रिफला और कलौंजी पाउडर को एक साथ अच्छे से मिलाकर पिएं।
इसके लगातार प्रयोग से आपकी डायबिटीज़ की समस्या धीरे धीरे जड़ से खत्म हो जाएगी।

9. मखाने से डायबिटीज खत्म करने का आसान तरीका -

शुगर वाले मरीजों के लिए मखाने इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
अगर आपका शुगर बढ़ा हुआ है तो आपको भी खाली पेट मखाने जरूर खाने चाहिए।
आप चाहो तो इनका पाउडर बना कर भी इस्तेमाल कर सकते हो।
यह भी आपके शरीर में शर्करा की मात्रा सामान्य रखने में बहुत अधिक मदद करता है।

10. गुड़हल मधुमेह टाइप 2 मधुमेह-रोधी दवा -

शुगर की समस्या को खत्म करने के लिए गुड़हल की पत्तियां भी प्रभावी रूप से काम करती हैं।
साथ ही इसके फूलों का तेल हमारे बालों से संबधित सभी तरह की समस्याओं में बहुत अधिक फायदेमंद होता है।
और इसके फूलों का पाउडर भी स्टोन वाले मरीजों में रामबाण औषधि की भांति कार्य करता है।
डायबिटीज़ के लिए इसके पत्तों की चटनी बनाकर भी इस्तेमाल किया जाता है।
जो डायबिटीज़ के इलाज के लिए अपनी अहम भूमिका का निर्वाह करती है।

क्या चाहिए -

  1. 6 से 7 गुड़हल के पत्ते
  2. 15 से 20 तुलसी की पत्तियां

कैसे तैयार करें -

इसे तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले गुड़हल और तुलसी के पत्ते अच्छे से साफ कर मिक्सी में चला कर इसकी चटनी तैयार कर लें।
आप इसमें काली मिर्च का पाउडर मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हो।
या फिर इसमें एक गिलास पानी डालकर एक पेय पदार्थ के रूप में सुबह शाम खाली पेट भी इस्तेमाल कर सकते हो।
इसके नियमित इस्तेमाल से आपकी शुगर नोर्मल रहेगी और धीरे धीरे दवाओं से भी छुटकारा मिल जाएगा।
(और पढ़ें: कब्ज का अचूक इलाज)

11. सहजन के पत्ते से मधुमेह खत्म करने का नुस्खा -

हमारे लिए सहजन के पत्ते भी एक नेचुरल इंसुलिन का कार्य करते हैं।
इसके पत्तों का ज्यूस या चटनी बनाकर आप इसे अपनी डायट में शामिल कर सकते हो।
नियमित रूप से अगर सहजन के पत्तों का इस्तेमाल किया जाएं तो डायबिटीज़ में बहुत ही बेहतरीन सुधार देखने को मिलता है।

क्या चाहिए -

  1. सहजन के पत्ते 50 ग्राम
  2. मिश्री 25 ग्राम
  3. लौकी 100 ग्राम

कैसे तैयार करें -

इसका ज्यूस तैयार करने के लिए आप सबसे पहले 50 ग्राम सहजन के ताजा पत्ते धो कर अच्छे से साफ कर लें।
इसके बाद 100 ग्राम लौकी लेकर दोनों को एक साथ ज्यूसर में चला लें।
और ऊपर से एक गिलास पानी डाल कर इसे छान लें।

कैसे प्रयोग करें -

बनाए गए ज्यूस का इस्तेमाल रोज सुबह खाली पेट करें।
इससे आपकी शुगर में अद्भुत सुधार देखने को मिलता है।
साथ ही आप पुदीने और सहजन की पत्तियों को पीस कर चटनी बनाकर भी खा सकते हो।



12. तेज पत्ते और आंवला से डायबिटीज का आयुर्वेदिक इलाज -

आंवले और तेज पत्ते का मिश्रण भी बहुत ही बेहतर ढंग से आपकी डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने का काम करता हैं।
इनके नियमित इस्तेमाल से भी आपको शुगर में ली जाने वाली अनेकों तरह की दवाओं से आसानी से छुटकारा मिल जाता है।

क्या चाहिए -

  1. आंवले का पाउडर 50 ग्राम
  2. तेज पत्तों का पाउडर 50 ग्राम
  3. चोबचिनी का पाउडर 50 ग्राम

कैसे बनाए -

इस आयुर्वेदिक नुस्खे को तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले चोबचिनी, आंवला और तेज पत्ते बराबर मात्रा में लेकर एक बारीक पाउडर तैयार कर लेना है।

कैसे इस्तेमाल करें -

इसको इस्तेमाल करने के लिए या तो आप खाली पेट बनाए गए पाउडर की हल्के गर्म पानी के साथ फंकी के सकते हो।
या फिर हल्के गरम पानी में इस चूर्ण की एक चम्मच मात्रा को गला कर एक पेय के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हो।

13. शुगर के लिए योग इन हिंदी -

प्राणायाम और योगासन आपके स्वस्थ जीवन के आधार माने जाते हैं।
अगर आप नियमित रूप से योग प्राणायाम करते रहते हो तो कभी भी भविष्य में किसी भी प्रकार के रोग और व्याधियों से जूझना नहीं पड़ता।
डायबिटीज़ में योग प्राणायाम के बहुत ही चमत्कारी लाभ हैं।
आप योगासनों का प्रयोग कर हमेशा के लिए अपने शुगर लेवल को सामान्य रख सकते हो।
इसके लिए चार प्राणायाम सबसे प्रमुख माने जाते हैं।
जैसे की - मंडूकासन, अनुलोम विलोम, भस्त्रिका प्राणायाम, और कपालभांति।
इन प्राणायाम और योगासनों के नियमित इस्तेमाल से आपको हर तरह की दवा और इंसुलिन आदि से छुटकारा मिल जाता है।
साथ ही इन योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप आसानी से अपने आप को 200 से भी अधिक बीमारियों से बचाए रख सकते हो।
अतः आप चाहे किसी भी दवा या नुस्खे का प्रयोग करो, उसके साथ आपको ये चारों प्राणायाम जरूर करने हैं।
क्योंकि इनकी मदद से एक तो आपको जल्दी और प्रभावी सुधार मिलता है।
और साथ ही अंत में आप इनकी मदद से हर तरह की दवा को धीरे धीरे छोड़ कर केवल इन्हीं के माध्यम से शुगर को सामान्य रख सकते हो।

14. शुगर के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट -

डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए आप एक्यूप्रेशर पद्धति का भी इस्तेमाल कर सकते हो।
यह भी आपके शुगर लेवल को सामान्य रखने में बेहद लाभकारी है।
इसके लिए आपको अपने बाएं हाथ की हथेली में बीच वाली रेखा के अंतिम छोर पर अपने दूसरे हाथ के अंगूठे की मदद से प्रेस करना है।
यह बिंदु डायबिटीज़ या शुगर के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
जो सबसे छोटी वाली उंगली की सीध में बीच की रेखा के अंतिम छोर पर मौजूद होता है।
अगर आप बारी बारी इस पॉइंट्स को दबाते रहते हो तो इससे आपका डायबिटीज़ सामान्य रखने में बहुत मदद मिलती है।
इस पद्धति को आप कभी भी किसी भी समय प्रयोग कर सकते हो।
(और पढ़ें: लिकोरिया या सफेद पानी का इलाज)

शुगर या डायबिटीज से बचाव और सावधाानियां - (prevention of diabetes in Hindi)

जब एक बार कोई व्यक्ति डायबिटीज़ का शिकार हो जाता है तो उससे निजात पाना काफी मुश्किल हो जाता है।
लेकिन अपनी जीवनशैली में बदलाव और अपने खानपान को सुधारकर इस स्थति को सामान्य रखा जा सकता है।
कई ऐसे आयुर्वेदिक नुस्खे और योग प्राणायाम हैं जिनकी मदद से आप शुगर को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हो।
और इसमें औषधियों से भी बढ़ा योगदान योगासनों का होता है।
अतः अगर आप महंगी दवाओं और तरह तरह की समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हो तो इसके लिए आपको योग और प्राणायाम तो करने ही होंगे साथ ही आपको ऊपर बताए गए नुस्खों का इस्तेमाल भी करना होगा।
यहां जो भी उपचार बताए गए हैं सभी अपने में श्रेष्ठ हैं, आप अपनी डायबिटीज़ के लिए किसी भी औषधि का इस्तेमाल कर सकते हो।
क्योंकि सभी के अपनी अपनी जगह बहुत ही अच्छे परिणाम हैं।

शुगर या डायबिटीज़ की समस्या से बचे रहने और इसे सामान्य रखने के लिए जरूरी बिंदु -

क्या करें -

  • नियमित रूप से अपने शुगर लेवल का आंकलन जरूर करें।
  • अपने वजन को हमेशा सामान्य रखने की कोशिश करें क्योंकि मोटापा डायबिटीज़ सहित अनेकों बीमारियों के लिए न्यौता है।
  • अपनी दिनचर्या को जरूर निर्धारित करें ताकि आप अपने सभी निजी कार्य समय पर कर सकें।
  • डायबिटीज़ के मरीजों को अधिक से अधिक पैदल चलने कि सलाह दी जाती है। अतः जितना हो सके उतना पैदल चलने की कोशिश करें।
  • अपने दिन की शुरुआत योग और प्राणायाम से करें ताकि दिन भर के लिए पर्याप्त इंसुलिन का मापन किया जा सके।
  • प्यास लगने पर एक बार में ही अपनी प्यास बुझाने की बजाय थोड़ा थोड़ा करके पानी पिएं। ताकि बार बार लगने वाले पेशाब को रोका जा सके।

क्या ना करें -

  • अधिक देर तक एक जगह बैठे रहना भी आपके शुगर लेवल को बढ़ावा देता है। अतः हर 30 मिनट में हल्का सा पैदल जरूर चलें।
  • अपने खाने में तली गली मसालेदार चीजों की बजाय हरी सब्जियों का मिश्रण अधिक रखें।
  • खाने के बाद फल खाने से जरूर बचें अगर फलों का सेवन करना है तो खाने से पहले करें।
  • चीनी व चीनी से मिलकर बने खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें।
  • अधिक देर तक भूखे रहने की बजाय दिन में तीन से चार बार हल्का व सुपाच्य भोजन करें।
इस तरह आप आसानी से डायबिटीज़ या शुगर की बड़ी से बड़ी समस्या का सामना कर सकते हो।

शुगर का इलाज विडियो -

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