सफेद दाग का नया इलाज पतंजलि | safed daag ki dua | safed daag ki cream.

Safed daag ka ilaj patanjali | सफेद दाग की दुआ (safed daag ki dua) | Safed daag ki cream - सफेद दाग को एलोपैथी में हम ल्यूकोडर्मा के नाम से जानते हैं। ल्यूकोडर्मा को विटिलिगो के नाम से भी जाना जाता है।
यह एक प्रकार की स्किन डिजीज है।
जिसमें हमारी त्वचा पर चकत्तो के रूम में सफेद धब्बे हो जाते हैं।
ये सफेद धब्बे आमतौर पर दर्द रहित होते हैं, लेकिन कई बार इनमें हल्की जलन और खुजली हो सकती है।
यह सटीक रूप से पूरी तरह बताना मुश्किल है कि सफेद दाग हमारी त्वचा पर किस कारण से होते हैं।
लेकिन कुछ विशेषज्ञों की माने तो सफेद दाग हमारे अंदर इम्यून सिस्टम की कुछ गड़बड़ियों की वजह से पैदा हो सकते है।
सफेद दाग होने की स्थति में हमारी त्वचा को रंग प्रदान करने वाली कोशिकाएं जिन्हें हम मेलेनोसाइट्स के नाम से जानते है, नष्ट होने लग जाती हैं।
जिनकी वजह से उस निश्चित जगह जहां ये कोशिकाएं खत्म हो चुकी हैं, वहां पर सफेद दाग निकल आता है।
अब यह निश्चित रूप से कोई नहीं जानता कि ये कोशिकाएं खत्म होती किस कारण से हैं।
सफेद दाग (saded daag) के 11 बेस्ट नए इलाज, क्रीम और दुआ पतंजलि।
कई मामलों में सफेद दाग को आनुवंशिक रूप से फैलता हुआ भी देखा गया है।
कुछ लोगों में सफेद दाग एक जगह पर होकर ही थम जाते हैं।
लेकिन अधिकतर लोगों में एक भाग से दूसरे भाग में होते हुए पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
इस लेख अंदर हम आपसे बात करने वाले हैं। सफेद दाग के इलाज के लिए बेहतर आयुर्वेदिक इलाज, सफेद दाग की क्रीम और दुआ, सफेद दाग के शुरुआती लक्षण, सफेद दाग कितने प्रकार के होते हैं आदि के संदर्भ में।
(और पढ़ें: चुकंदर के जबरदस्त फायदे)

सफेद दाग का इलाज | safed daag ki dua | safed daag ki cream.

सफेद दाग के शुरुआती लक्षण -

ल्यूकोडर्मा या सफेद दाग के लक्षण आमतौर पर हमे त्वचा में बदलाव के कारण ही नजर आते हैं।
इस तरह के दाग होने से पहले हमारी त्वचा में जगह जगह पर त्वचा का फिका पड़ जाना।
अधिकतर मामलों में यह स्थति उस जगह पर नजर आती है। जहां से कोई हिस्सा बार बार गति करता है।
जैसे कि - कोहनी, घुटना, उंगलियां, आंखों की पलकों पर, होटों पर आदि।
सफेद दाग के लक्षण हमें उन जगहों पर भी आसानी दिखाई देने लग जाते हैं, जहां की त्वचा बहुत ही पतली होती है।
जैसे कि - नाक और मुंह के अंदर की त्वचा।

सफेद दाग के कारण -

सफेद दाग होने की समस्या का अभी तक चिकित्सकों और विशेषज्ञों के पास कोई भी उचित और निश्चित कारण नहीं है।
यह तो पता है कि यह समस्या हमारे अंदर मेलेनोसाइट्स जो हमारी त्वचा के रंग का निर्धारण करती हैं, उनके खत्म होने की वजह से होता है।
लेकिन अभी तक इस निश्चित कारण का पता नहीं कि ये मेलेनोसाइट्स खत्म किस किस कारण की वजह से होती हैं।
सफेद दाग की समस्या के लिए कुछ अंदाजी या अनुमानित कारण ये हो सकते हैं।
(और पढ़ें: पाइल्स का अचूक इलाज)
जैसे कि -
  1. हमारे इम्यून सिस्टम या प्रतिरक्षा प्रणाली में कुछ विकारों की वजह से। 
  2. खड़ी धूप में अधिक समय लगातार काम करते रहने के कारण। 
  3. घातक विकिरणों और कुछ प्रकार के केमिकल्स से प्रभावित होने के कारण। 
  4. किसी भी वस्तु के प्रति एलर्जी होने की स्थति में। 
  5. थायरॉयड और डायबिटीज जैसी ऑटो इम्यून बीमारियों के कारण। 
  6. अधिक समय तक तनाव ग्रस्त रहने की स्थति में। 
  7. पाचन तंत्र की खराबी के कारण। 
  8. अनुवांशिक कारणों की वजह से।

सफेद दाग का इलाज बताएं | सफेद दाग के लिए बेस्ट क्रीम और दुआ।

यह बात हम सभी भलीभांति जानते हैं कि अब तक एलोपैथिक दवाओं में ना के बराबर ही सफेद दाग का इलाज है।
क्योंकि एलोपैथिक दवाओं में ना तो सफेद दाग के लिए क्रीम है।
और ना ही कोई दवा या दुआ।
लेकिन आयुर्वेद में इसके लिए कई सारी दवाएं हैं।
आयुर्वेद में आपको सफेद दाग का उपचार बेहतर ढंग से मिल जाता है।
साथ ही आपको इसमें सफेद दाग की बेस्ट क्रीम, दवाएं और दुआ आसानी से मिल जाती हैं।
जिनका प्रयोग कर कोई भी व्यक्ति आसानी से सफेद दाग का सही इलाज कर सकता है।
सफेद दाग (saded daag) के 11 बेस्ट नए इलाज, क्रीम और दुआ पतंजलि।
एक बात का आपको जरूर ध्यान रखना होगा, वह यह कि सफेद दाग की समस्या बहुत ही जटिल समस्या है।
आयुर्वेद में सफेद दाग का ट्रीटमेंट संभव है। लेकिन जरूरत है इन आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल लगातार 2 से 3 महीने तक करने की।
यदि आप सोच रहे हो कि इस समस्या को आप आठ दस में ही खत्म कर लें। तो यह बिल्कुल भी संभव नहीं है।
अतः अगर आप चाहते हो कि यह समस्या आपकी जड़ से खत्म हो जाए।
तो आपको यहां बताए गए उपचार नियमित रूप से 2 से 3 महीने तो जरूर इस्तेमाल करने होंगे।
तभी आप इससे छुटकारा पाने में कामयाब हो पाओगे।
यहां हम आपको सफेद दाग की कुछ दवाएं और कुछ क्रीम बताएंगे जिन्हें आप आयुर्वेदिक स्टोर से खरीद  सकते हो।
साथ ही आपको कुछ आयुर्वेदिक उपचार बताएंगे।
आप इनमें से किसी भी उपचार का इस्तेमाल कर सकते हो। ये सभी अपने आप में श्रेष्ठ उपचार हैं।
जिनका यदि आप पूरी लगन और विश्वास से इस्तेमाल करते हो तो आप आसानी से सफेद दाग को उपचारित कर सकते हो।
(और पढ़ें: एनीमिया या खून कि कमी का रामबाण इलाज)

सफेद दाग की क्रीम -

सफेद दाग आयुर्वेदिक इलाज के लिए हम आपको दो क्रीम बताएंगे।
जो वाकई में बेहतर ढंग से काम करती हैं। यदि आपका सफेद दाग अभी शुरुआती दौर में है तो।
यदि यह समस्या आपके पूरे शरीर में फैल चुकी है तो आप इन क्रीम्स का प्रयोग ना करें।
क्योंकि इस स्थति में आपके लिए जड़ी बूटियों द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक इलाज ही आपके सफेद धब्बों का बेहतर इलाज कर सकता है।


1. lyucoskin ointment -

सफेद दाग की यह क्रीम कई तरह की आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से मिलकर बनी होती है।
जैसे कि - बाबची, एलोवेरा, मंडूकपनीर, विसनाग आदि।
इसकी पूरी किट आपको 650 रुपए के आसपास बाजार में मिल जाएगी।
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इसके इस्तेमाल से आपके सफेद दाग बहुत ही जल्दी अपना रंग बदलना शुरू कर देते हैं। और लगातार तीन चार महीने के प्रयोग से बिल्कुल खत्म हो जाते हैं।
सफेद दाग का इलाज के लिए इस क्रीम के काफी बेहतर परिणाम है।
इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको इसमें दवा की दो फॉर्म मिलती हैं।
एक क्रीम और दूसरी लिक्विड फॉर्म।
ल्युकोडर्मा या सफेद दाग के लिए आपको इस लिक्विड दवा को सुबह खाली पेट पीना होता है।
और क्रीम को लगाने के लिए सबसे पहले दाग वाले हिस्से को अच्छे से साफ करके इस क्रीम से मसाज की जाती है।
इसके बेहतर परिणाम पाने के लिए आपको अपनी डायट में ध्यान देना होता है।
साथ ही आपको नियमित रूप से कपालभांति और अनुलोम विलोम प्राणायाम करने होते हैं।

2. leuco ointment -

यह भी सफेद दाग या ल्युकोडर्मा के लिए एक बेहतर क्रीम है। इसके तीन चार महीने के लगातार इस्तेमाल से आपको अपने दाग गायब होते नजर आएंगे।
इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले अपने दागों को अच्छे से साफ करें और फिर धूप में बैठ कर इसकी अच्छे से मसाज करें।
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यदि सफेद दाग पूरे शरीर में फैल चुका है तो इसका इलाज लंबा और कठिन होता है। वो भी आयुर्वेदिक दवाओं की मदद से।
नोट : किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें, यहां बताई गई दवाएं केवल जानकारी मात्र के लिए हैं।
(और पढ़ें: लो बीपी का सबसे बेहतरीन इलाज)

सफेद दाग (saded daag) के 11 बेस्ट नए इलाज, क्रीम और दुआ पतंजलि।
सफेद दाग का इलाज पतंजलि -

सफेद चकत्तो के लिए आपको पतंजलि में भी बहुत ही अच्छी दवाएं मिल जाती हैं।
जो आपके सफेद दाग को 2 से 3 महीने के लगातार प्रयोग से खत्म कर देती हैं। इनमें खादरिष्ठा, गंधक रसायन, बाबची का तेल और महालटी को अधिक महत्व दिया गया है।
इनका प्रयोग करके आप आसानी से सफेद दाग खत्म कर सकते हो।
इनका प्रयोग आपके दागों की स्थति पर निर्भर करता है।
बेहतर होगा इनका इस्तेमाल करने से पहले आप अपने वैद्य से इनके संदर्भ में सलाह लें, फिर इनका इस्तेमाल करें।

3. गुलाब जल और बाबची से सफेद धब्बों का इलाज -

आयुर्वेद में ल्युकोडर्मा के लिए बाबची को लगभग सभी दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है।
कहीं पर इसका तेल लिया जाता है तो कहीं इसके बीजों का पाउडर बनाकर इस्तेमाल किया जाता है।
सफेद दाग के इलाज के लिए सबसे पहले आपको 10 ग्राम बाबची, 10 ग्राम कुनेन, 10 ग्राम चोबचीनी, 10 ग्राम तुखम पनवार, 10 ग्राम, काली मिर्च, 10 ग्राम अंजीर, 10 ग्राम चाक्सू, 10 ग्राम अकरकरह, और 100 ग्राम गुलाब जल लेना होगा।
ये सभी आपको पंसारी की दुकान या आयुर्वेदिक स्टोर पर आसानी से मिल जाएंगी।

विधि -

सबसे पहले इन सब को बराबर की मात्रा में लेकर खरल में चलाकर एक बारीक पाउडर तैयार कर लीजिए।
जब यह पाउडर तैयार हो जाए तब आप इसमें गुलाब जल डाल कर छोटी छोटी गोलियां बनाकर सूखा लीजिए।
सूखने के बाद इन सब को किसी कांच की एयरटाइट शीशी में डालकर रख लीजिए।
इनका इस्तेमाल आपको अर्क मुंडी के साथ करना होगा।
हर रोज सुबह शाम दो - दो गोलियों का प्रयोग अर्क मुंडी के साथ करें।
एक बात का इस दौरान विशेष ध्यान रखें, वह यह कि हर दस दिन में आपको किसी भी दस्तावर यानी जिससे आपके दस्त लग जाएं। इसका प्रयोग जरूर करना है।
ताकि आपका पेट साफ होता रहे। इससे यह नुस्खा बहुत ही तेज़ी से असर करेगा।
आप मार्केट से भी पेट साफ करने वाली दवा ले सकते हैं या फिर खुद घर पर भी बना सकते हो।
इसके लिए आपको अरहर के पाउडर का इस्तेमाल करना होगा।
इस नुस्खे के दौरान हर सात से दस दिन में आपका पेट पूरी तरह अच्छे से साफ होना जरूरी है।
सफेद दाग से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए बताए गए आयुर्वेदिक नुस्खे को लगातार 40 से 50 दिनों तक करें।
इससे आपके सफेद दागों के रंग में परिवर्तन आएगा और ये धीरे धीरे पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
(और पढ़ें: हाई बीपी का असरदार इलाज)

4. तुलसी और शहद -

आयुर्वेद में तुलसी को गुणों का भंडार माना जाता है। यह सफेद दाग के लिए भी एक बहुत ही अच्छी दवा है।
अगर आप इस नुस्खे का इस्तेमाल करते हो तो आपको एक से दो महीने के अंदर ही अपने दागों का रंग बदलता नजर आएगा।
और थोड़े दिनों बाद आपकी त्वचा पहले कि तरह नॉर्मल हो जाएगी।
सफेद दाग के इलाज के लिए इसे इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको जरूरत होगी, पुराने देसी शहद और तुलसी के अर्क की।
तुलसी का अर्क आपको किसी भी मेडिकल स्टोर या आयुर्वेदिक स्टोर पर आसानी से मिल जाता है।

विधि -

इन दोनों को लेने के पश्चात दो चम्मच शहद में चार से छ बूंदे तुलसी के अर्क की मिला लें, और इसे अच्छी तरह फेंटे।
जब तुलसी और शहद अच्छे से मिल जाए तब इसके पेस्ट को अपने सफेद दागों पर अच्छे से मसाज करें।
पंद्रह से बीस मिनट मसाज करने के बाद इन्हें ऐसे का ऐसे ही छोड़ दें।
और जब यह सूख जाए तब ठंडे पानी से इस धो लें।
एक बात का विशेष ध्यान रखें, जब तक आप इनका इस्तेमाल करते हो तो किसी भी प्रकार के साबुन का इस्तेमाल ना करें।
इस नुस्खे की ताकत को बढ़ाने के लिए आप बताए गए नुस्खों में से खाएं जाने वाले किसी भी नुस्खे का इस्तेमाल कर सकते हो।
(और पढ़ें: हेपेटाइटिस का पक्का इलाज)

5. इंद्रायण है सफेद दाग की देसी दवा -

अगर आप सफेद दाग के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग करना चाहते हो, तो इंद्रायण भी एक बहुत ही अच्छी औषधि हो सकती है।
आयुर्वेद में इंद्रायण को एक बेशुमार गुणों वाली औषधि के रूप में जाना जाता है।
यह अनेकों तरह की बीमारियों में एक रामबाण औषधि की तरह कार्य करती है।
इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको कुछ इंद्रायण फलों की जरूरत होगी।
ये फल आपको पहाड़ी इलाके या बंजर और चरागाहों वाली जगह पर आसानी से मिल जाता है।

विधि -

सबसे पहले इस फल को लेकर आप आधा काट लीजिए।
इसके बाद इस आधे कटे हुए भाग में ऊपर की तरफ हल्दी पाउडर डालकर किसी लकड़ी की सींक की सहायता से इस नाेंच नोंच कर पूरी हल्दी को इसमें समा दीजिए।
जब डाली गई हल्दी इस इंद्रायण में अच्छी तरह पुर जाए तब इस आधे कटे इंद्रायण से अपने सफेद दागों की मसाज करें।
लगातार आधे घंटे तक मसाज करने के बाद इसे ऐसे ही सूखने के लिए छोड़ दें।
जब यह कुछ देर बाद सूख जाए तब इसे ठंडे पानी से धो लें।
ऐसा दिन में दो से तीन बार कर सकते हो, और इसका इस्तेमाल आपको लगातार 40 से 50 दिनों तक लगातार करता रहना है।
इससे आपके सफेद दाग बिल्कुल खत्म हो जाएंगे।

लेकिन इस बात का जरूर ध्यान रखें कि इस दौहरान आपको किसी भी प्रकार के साबुन या शैम्पु का प्रयोग नहीं करना।
इस नुस्खे की ताकत को बढ़ाने के लिए आप इसके साथ बताए गए किसी भी एक अच्छे से आयुर्वेदिक नुस्खे का प्रयोग कर सकते हो।
सफेद दाग (saded daag) के 11 बेस्ट नए इलाज, क्रीम और दुआ पतंजलि।

6. गंधक आंवला सार है सफेद दाग का रामबाण इलाज -

यह आयुर्वेदिक इलाज भी सफेद दागों के लिए बेहद ही बेहतरीन है।
इसके लगातार इस्तेमाल से आपके सफेद दाग पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। और फिर कभी भी आपको इस तरह की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा।
सफेद दाग को खत्म करने के लिए इसे तैयार करना है तो आपको सबसे पहले इन चीजों की आवश्यकता होगी।
जैसे कि - 50 ग्राम गंधक आंवला सार और 50 ग्राम बाबची के बीज।

विधि -

इन सभी को इसी अनुपात में लेकर एक चूर्ण तैयार कर लीजिए।
अब इस चूर्ण को पानी की सहायता से गोलियों में बदल लीजिए।
इसके बाद दो दो गोलियों का इस्तेमाल आप रोज सुबह शाम खाली पेट अर्क मुंडी के साथ कीजिए।
इसमें एक बात का विशेष ध्यान रखें, आपको गंधक आंवला सार ही लेना है।
इस दवा का इस्तेमाल डेढ़ से दो महीने तक लगातार करें, जिससे आपके सारे सफेद दाग पूरी तरह खत्म हो जाएंगे और त्वचा पहले कि तरह सामान्य हो जाएगी।
ध्यान रहे उपर बताए अनुसार दस्तावर दवा का इस्तेमाल जरूर करें। ताकि आपका पेट हमेशा साफ रहे।
(और पढ़ें: वजन कैसे बताए)

7. पीपल के पत्तों और बरगद के दूध से सफेद दाग का रामबाण इलाज -

यह आयुर्वेदिक इलाज भी सभी चुनिंदा नुस्खों में से एक है। यह नुस्खा इतना बेहतर है कि इसके इस्तेमाल के बाद आपको कभी भी किसी प्रकार की दवा की जरूरत नहीं होगी।
आप बिल्कुल निश्चिंत हो जाइए क्योंकि इस उपचार को अगर आपने बेहतर ढंग से कर लिया तो हमे पक्का विश्वास है कि आपके सफेद दाग 100% पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
बस एक बात का जरूर ध्यान रखना, इसकी अवधि थोड़ी ज्यादा है।
यह दो से ढाई महीने में आपको असर दिखाना शुरू करेगा और चार पांच महीने में आप पूरी तरह स्वस्थ हो जाओगे।
चाहे सफेद दाग कितना भी फैला हुआ हो चाहे कितना भी पुराना हो। आपको इसमें पूरी तरह सुधार मिलेगा।
बस जरूरत है बताए अनुसार इस नुस्खे के इस्तेमाल की - इसमें कई निस्खों को शामिल किया गया है।
जिसमे सबसे पहले आपको हर रोज सुबह सबसे पहले उठते ही बरगद का दूध पीना है।
बरगद एक बड़ा पेड़ होता है, जब आप उसके पत्ते तोड़ते हैं तो उनसे दूध निकलता है। उसी दूध को आपको पीना है।

विधि -

इसके लिए पताशे का प्रयोग करें। जब भी आप बरगद के पत्तों का ज्यूस पीने जाएं तो अपने साथ पताशे लेकर जाएं।
दो से तीन पताशों में बरगद के दूध की चार पांच बूंद डालकर खाएं।
ऐसा सुबह जल्दी सवेरे आपको करना होगा।
साथ ही इसके एक से डेढ़ घंटे बाद आपको छ से सात पीपल के कच्चे पत्ते लेने हैं।
इन पत्तों को पत्थर की खरल में थोड़ा सा पानी डालकर अच्छे से पीसना है।
जब पीपल के पत्तों का ज्यूस खरल में तैयार हो जाए तो इसे पिएं।
यह आपको सुबह शाम दोनों टाइम करना है वो भी खाना खाने से 1 घंटे पहले।
बरगद का ज्यूस आपको सिर्फ सुबह ही लेना है, लेकिन पीपल का ज्यूस आप दोनों टाइम लीजिए।
इसके बाद एक पीने की दवा आती है, जो आपको बाजार में आयुर्वेदिक स्टोर पर आसानी से मिल जाएगी।
इसे हम विडंगारिष्ट या विडंगासव कहते है।
यह आप बाजार से खरीद लीजिए और खाना खाने के बाद सुबह शाम एक एक चम्मच पिएं।
इन सब के साथ ही आपको मालिश के लिए बाबची के तेल की जरूरत होगी।
इस तेल की मसाज आप अपने सफेद दागों पर रोज धूप में 20 से 30 मिनट जरूर करें।
लयूकोडर्मा के लिए यह बहुत ही बेहतरीन आयुर्वेदिक उपचार है।
(और पढ़ें: पेट का करने का उपाय)

सावधानियां -

लेकिन इसमें भी एक शर्त है, वह यह कि आपका पेट हमेशा साफ रहना जरूरी है।
आपके हर सात से दस दिन में एक बार दस्त जरूर लगने चाहिए ताकि जो भी गंदगी आपकी आंतों में जमी हुई है वह पूरी तरह साफ हो जाए।
साथ ही यदि आपको कहीं अगर यज्ञ की राख मिल जाए तो इसका इस्तेमाल आप बाबची के तेल के साथ लेकर अपने सफेद दागों पर इसका लेप भी लगा सकते हो।
यह करना आपके लिए सोने पे सुहागा होगा।
अगर आपको यज्ञ की राख न मिल पाएं तो इस स्थति में आप बाजार से यज्ञ की सामग्री लेकर उसे अपने घर में भी जला कर इसकी राख तैयार कर सकते हो।
यह और भी अच्छा होगा जिससे उन सभी जड़ी बूटियों की धुआं आपके सफेद दागों पर लगेगी।
साथ ही यह श्वांस के साथ आपके खून में भी मिश्रित होगी।
इसका प्रयोग करना थोड़ा कठिन जरूर है लेकिन निश्चित है कि आपके दाग धीरे धीरे जरूर खत्म हो जाएंगे।

8. राई करेगी सफेद दाग को जड़ से खत्म -

सफेद दाग के लिए यह भी बहुत ही अच्छी औषधि है। इसका इस्तेमाल करके भी आप आसानी से सफेद दाग को ख़त्म कर सकते हो।
यह बहुत ही आसान सा नुस्खा है, इसके आपको थोड़ी सी राई की जरूरत पड़ेगी।
अब इस राई को लेकर किसी दस्ते में बारीक कूट लें।
ध्यान रहे आपको यह दरदरी कूटनी है।
इसके बाद आप इस कुटी हुई राई को अपने सफेद दाग पर लगाकर किसी टेप या एयरटाइट चीज से बांध लें।
ताकि वहां पर पसीना आ सके।
जब वहां पसीना आएगा तो आपको जलन महसूस होगी।
जितना आप सहन कर सकते हो तब तक उस जलन को सहन कीजिए और फिर इसको खोल दीजिए।
इससे होगा ये की आपके सफेद दाग वाली जगह की ऊपरी परत हल्की सी जल जाएगी।
इसके बाद वहां पर दूसरे दिन खुरंड आएगा इसे आप हटाए नहीं खुद से ही हटने दें।
जब यह हटेगा तो वहां आपको दूसरी त्वचा मिलेगी जो धीरे धीरे अपने स्वाभाविक रंग में आ जाएगी।
हालांकि अधिक फैले हुए सफेद दागों के लिए ऐसा करना थोड़ा कठिन है। फिर भी आप अपने चेहरे और हाथों से सफेद दाग इस नुस्खे की मदद से आसानी से हटा सकते हो।
(और पढ़ें: लिकोरिया या श्वेत प्रदर का इलाज)

9. नारियल तेल -

यह उपचार भी एक सरल सा घरेलू नुस्खा है। इसका प्रयोग कर चार से छह महीने में अपने सफेद दागों का इलाज कर सकते हो।
इसके लिए आपको बाबची और नारियल के तेल का एक पेस्ट तैयार करना होता है।
पेस्ट को तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले बाबची के बीजों को शुद्ध करके इनको खरल में पीसना होता है।
बाबची के बीजों को शुद्ध करने के लिए आपको अदरक के रस की आवश्यकता होती है।

विधि -

सबसे पहले आप अदरक का रस निकाल लीजिए।
इसके बाद इसमें बाबची के बीजों को रात भर भीगे रहने के लिए छोड़ दीजिए।
दूसरे दिन इन्हें निकाल कर फिर ताजे बने हुए अदरक के रस में डाल दीजिए।
ऐसा आप पांच से छः दिन तक लगातार करें।
बाबची को शुद्ध करने के बाद आप इन्हे सूखा कर अच्छे से बारीक पीस लें।
अब इन्हें नारियल के तेल में मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। और इसके बाद इस तेल को सुबह की धूप में अपने सफेद दागों पर अच्छे से मसाज करें।
ऐसा लगातार तीन से चार महीने करते रहने पर आपके सफेद दाग पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
सफेद दाग (saded daag) के 11 बेस्ट नए इलाज, क्रीम और दुआ पतंजलि।

10. हल्दी -

लयुकोडरमा के लिए यह आयुर्वेदिक इलाज भी एक बहुत ही बेहतरीन और कारगर है।
अगर आप चाहते हो कि आपके सफेद दागों का इलाज हो।
तो यह नुस्खा भी सफेद दाग को जड़ से खत्म करने में अपनी अहम भूमिका अदा करता है।
(और पढ़ें: एड्स का पक्का इलाज)

विधि -

इसके लिए आपको आधा किलो शुद्ध देसी हल्दी लेनी है।
अब इसे मोटी दरदरी पीस कर छ से सात लीटर पानी में गर्म करें।
जब गर्म होते होते यह पानी एक लीटर रह जाए तब इसे छान लें।
छानने के बाद जो पानी आपके पास बचाता है, इसमें आधा लीटर सरसों का तेल मिला दें।
अब इस दवा से रोज धूप में सफेद दागों पर मसाज करें।
इससे आपके दागों की हालत में सुधार आएगा और धीरे धीरे पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
इस नुस्खे की ताकत को बढ़ाने के लिए आप इसके साथ एक और नुस्खे का इस्तेमाल कर सकते हो।

विधि क्या है -

इसके लिए आपको इमली के बीजों को चार पांच दिन तक पानी में भिगो कर रख देना है।
पांच दिन के बाद इन्हें अच्छे से सूखा कर पीस लें और एक पाउडर तैयार करलें। और किसी एयरटाइट जार में डाल कर रख दें।
जब भी आप इसका इस्तेमाल करें तो थोड़ा सा इमली के बीजों का पाउडर लें।
इसमें हल्का सा पानी डालकर पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को खुली धूप में बैठ कर अपने सफेद दागों पर लगाए।
इससे आपके सफेद दाग जल्दी ठीक होंगे।
लेकिन इसमें एक बात का जरूर ध्यान रखें, यदि यह पेस्ट आपकी त्वचा पर एलर्जी पैदा करता है, तो इसका इस्तेमाल ना करें।
एलर्जी की स्थति में सफेद दागों की जगह लाल चकत्ते बन जाते हैं। जिनमे खुजली होना शुरू हो जाती है।
ऐसी स्थति में इसका प्रयोग ना करें।

11. योग और प्राणायाम -

इस बात का जरूर ध्यान रखें कि सफेद दाग के लिए जितना दवा काम करती है उतना ही योग और प्राणायाम काम करते हैं।
अगर आप नियमित रूप से कपालभांति, अनुलोम विलोम, और भस्त्रिका प्राणायम करते हो तो यकीन मनिए बिना किसी दवा दारू के छ से सात महीने में ही आपके सफेद दाग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
अतः आपको जरूरत है कि आप चाहे किसी भी आयुर्वेदिक नुस्खे का प्रयोग करें।
लेकिन उसके साथ आपको ये तीनों प्राणायाम 15 - 15 मिनट के लिए जरूर करने हैं।
इस बात का विशेष ध्यान रखें। इससे आपके दाग भी जल्दी ठीक होंगे और आपको किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।
(और पढ़ें: अनुलोम विलोम, भस्त्रिका, कपालभांति प्राणायाम कैसे करें)

सावधानियां -

देखिए अगर आप चाहते हो कि आपके सफेद धब्बे सफलतापूर्वक खत्म हो जाए तो इसके लिए आपको कई सारी बातों का ध्यान रखना होता है।
साथ ही आपको कई चीजें अपनानी और कई चीजों को छोड़ना होता है।
इन सब के माध्यम से ही संभव है कि आप पूरी तरह सफेद दाग की समस्या को ठीक कर सके।
  1. आपको हमेशा कोशिश करनी है कि कभी भी अपने अंदर पाचन संबंधी कोई परेशानी ना होने दें। 
  2. अपना पेट हमेशा साफ रखें। साथ ही इनमें से किसी भी नुस्खे का प्रयोग करते समय हर सात से दस दिन में अगर आपके दस्त हो जाए तो यह बहुत ही अच्छा होगा। 
  3. कभी भी गलती से भी एक साथ विरोधी वस्तुएं ना खाएं। विरोधी वस्तुएं यानी - ठंडी और गर्म, दूध और दही या छाछ, चाय कॉफी और आइसक्रीम, जैसी कई तरह की चीजों का प्रयोग कभी भी एक साथ ना करें। 
  4. जितना हो सके उतना नमक खाने से बचें या कम से कम खाएं। 
  5. मैदे से बनी किसी भी चीज का प्रयोग बिल्कुल भी ना करें
  6. बाजार में मिलने वाले तीखे और मसालेदार भोजन का इस्तेमाल कतई न करें। 
  7. रेशेदार भोजन से हमेशा दूरी बनाए रखें। 
  8. खाना खाते समय दूध ना पिए। खाने से आधा या एक घंटे बाद ही दूध पीना चाहिए। 
  9. बेसन का इस्तेमाल अपने भोजन में बढ़ा दें। चाहो तो गेहूं के आटे की जगह बेसन के आटे का भी इस्तेमाल कर सकते हो।
  10. काजू से भी त्वचा में रंगत आती है, इसीलिए काजू का भी सेवन करना चाहिए। 
  11. अधिक समय तक खड़ी धूप में ना रहें। 
  12. किसी भी प्रकार के साबुन या शैम्पु का इस्तेमाल ना करें। 
  13. हरी पत्तेदार सब्जियों और मौसमी फलों का इस्तेमाल करें
  14. अपने खाने में हमेशा पोषक तत्वों युक्त भोजन लें। तथा भोजन साधा और सुपाच्य हो।
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