(Aging) जवान रहने के उपाय | anti aging homemade tips in hindi.

jawan rehne ke upay in hindi - anti aging homemade tips in hindi, एन्टी एजिंग (anti aging) जी हां बहुत सारे लोग जो चाहे एजिंग(aging) की समस्या से परेशान हो या न हो लेकिन जिन लोगों को अपनी देह से लगाव होता है या अपने शरीर की सुंदरता को हमेशा बनाये रखना चाहते हैं उनका अक्सर यही सवाल होता है कि आखिर सदा जवान रहने के लिए क्या करें, एंटीएजिंग (anti aging) या जवान रहने के लिए क्या खाए जैसे बहुत सारे सवाल और यह बिल्कुल सच भी है कि आप कुछ जरूरी बातो का ध्यान रख कर अपने खान पान में ध्यान दे कर असमय आ जाने वाली एजिंग (aging) की समस्या को आसानी से परास्त कर सकते हो।
anti aging homemade tips in hindi.
anti aging homemade tips in hindi.

चाहे आप एजिंग की किसी भी समस्या में हो यहां दी गई जरूरी जानकारी आपको हमेशा काम आने वाली हैं क्योंकि यदि आप अभी उम्र के कम हैं लेकिन कुछ कारणों की वजह से आपको बुढ़ापे जैसा अनुभव होने लगा है आपकी त्वचा लटकने लगी है, ढीली हो चुकी है, चेहरे पर झाइयाँ पड़ने लग गई है या जोड़ो में दर्द और भी बहुत सी दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं। तो इन सब के लिए यह रामबाण तरीका है। क्योंकि यहां बताये जाने वाले सारे उपचार परखे और जांचे हुए है जो अपनी अपनी जगह पर अव्वल हैं।
यदि आपकी उम्र ज्यादा है तो भी यदि आप रोज इन्हें अपनाते हैं तो आप अपने आप में जरूर तरोताजा और नयापन महसूस करते हो।
तो चलिए अमल करते है इन चीजों पर जो आपकी एजिंग(aging) के लिए एन्टी एजिंग का काम करते हैं। {फ़ेफ़डों के कैंसर का आयुर्वेदिक उपचार}

सदा जवान रहने के (एन्टी एजिंग) लिए क्या करें | Best anti aging homemade tips in hindi 2019.

  1. Symptoms of aging in hindi. एजिंग के लक्षण।
  2. Causes of aging in hindi. एजिंग के कारण।
  3. Anti aging treatment in hindi. एजिंग के लिएघरेलु उपचार।
  4. Anti aging treatment in hindi. एजिंग के लिएउपचार।
  5. Anti aging tips in hindi. एंटीएजिंग के लिएजरूरी बातें।

Symptoms of aging in hindi. एजिंग के लक्षण।

अगर आज के समय मे एजिंग (aging) की बात की जाए तो महिला और पुरुषों में यह लगभग आम समस्या हो चुकी हो चुकी है क्योंकि आज की जीवनशैली इस तरह की है।ज्यादातर स्त्रियों में यह समस्या बच्चे को जन्म देने के बाद से शुरू होने लग जाती है। और ज्यादातर पुरूषों में यह पच्चीस वर्ष की उम्र के बाद आसानी से दिखाई देने लग जाती है। इसमे कई ऐसे लक्षण दिखते हैं जो सभी मे लगभग एक समान ही होते हैं {गुड़हल के फूलों का तेल कैसे बनाये}
  1. पूरे शरीर की चमड़ी का पतली हो कर लटक जाना।
  2. चेहरे पर झुर्रियां (wrinkle) पड़ना या चेहरे पर गहरे काले धब्बे पड़ना।
  3. माथे के ललाट पर लखिरें बनना और त्वचा का कड़कपन बहुत कम हो जाना।
  4. चेहरे पर डलनेस (dullness) आ जाना न ही तेज या चमक का रहना।
  5. हड्डियां कमजोर होना। (weakness of bones)
  6. हमेशा जोड़ो में दर्द (joint pain) और शरीर मे जकड़न रहना।
  7. आंखों की चमक खत्म होकर गहरी हो जाना।
  8. आँखों के नीचे कालापन (darkness) आ जाना या आखों की त्वचा का काली पड़ जाना।
  9. सिर में सफेद बालों का आना, गंजेपन और बाल झड़ने (hair loss) की समस्या होना।
  10. दिल से जुड़े रोगों का जकड़ लेना। आदि इस तरह के लक्षण हमे इस समस्या में सामान्यतया: देखने को मिल जाते हैं।

Causes of aging in hindi. एजिंग के कारण।

एजिंग एक ऐसी समस्या है जो व्यक्ति की व्यक्तित्व को कम करती है चाहे महिला हो या पुरुष दोनों ही अपने आप को एक अच्छा लुक देना चाहते है लेकिन असमय ही चेहरे पर झुर्रियां आदि का एक अभिशाप से कम नही हैं एजिंग केलिए बहुत सारे कारण जिम्मेदार होते है जिन्हें अगर आपनजरअंदाज करते हो तो सब कुछ आपके लिए बेकार है आप चाहे इसके लिए कितना भी यतन कर लीजिए आपकी एजिंग की समस्या कभी हल नही होने वाली इसके बावजूद यदि आप इसके कारणों का मनन कर इन पर जोर देते हो या नकारते हो तो यह समस्या अपने आप ही बिना किसी दवा दारू के ठीक होती चली जायेगी इस बात को हमेशा ध्यान रखें - {आर्थराइटिस या घुटनों के दर्द का पक्का इलाज}
स्मोकिंग - सिगरेट बीड़ी तम्बाखू आदि की प्रवृत्ति आपमे एजिंग की सबसे बड़ी कारक होती है। एक सामान्य स्त्रीया पुरुष स्मोक करता है तो इसके धुंए में मौजूद टार फेंफडों में जमा होने के साथ साथ रक्त में मिल जाता है।चूंकि हृदय से रक्त को फेंफड़ों में शुद्ध होने के लिए भेजा जाता है जहां CO2 को छोड़ दिया जाता है और O2 को रक्त में मिश्रित कर दिया जाता है। लेकिन यहां पर उस ऑक्सीजन के साथ वह टार भी मिल जाता है जो स्मोकिंगके कारण जमा होता है यहां से यह पूरे शरीर मे वितरित कर दिया जाता है जिसके परिणाम स्वरूप एजिंग और कैंसर जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।अतः इस प्रकार के जहरीले पदार्थों से हमेशा दूर रहें।
अल्कोहल - बहुत से लोगों का यह कहना है कि शराब आदि के सेवन से स्किन ग्लो करती है। त्वचा का रंग निखरता है लेकिन यह सरासर मिथ है, ऐसा कुछ भी नही है हां यह जरूर हो सकता है कि कुछ देर के लिए आपको लग सकता है कि आपकी त्वचा में हल्का सा निखार है क्योंकि अल्कोहल कुछ हद तक शरीर की प्रतिक्रिया को थोड़े समय के लिए निष्क्रिय कर देता है, साथ ही शरीर मे पानी की भी कमी हो जाती है जिससे त्वचा का रंग कुछ समय के लिए हल्का हो जाता है, यदि आप श-राब का सेवन करते हो तो यह भी एजिंग के लिए एक बड़ा कारण हो सकती है। साथ ही यह एक व्यक्ति के लिए हर तरह से नुकसानदेह होती है। {जैतून के तेल के जबरदस्त फायदे}
भौगोलिक परिस्थिति - भौगोलिक परिस्थति भी एजिंग और एजिंग जैसी समस्याओ के लिए जिम्मेदारहो सकती है। यह एक फैक्टर की तरह है क्योंकि उष्ण कटिबंधीय जलवायु वाला क्षेत्र इस तरह की समस्याओं के लिए ज्यादा अनुकूल होता है, जबकि शीत जलवायु वाला क्षेत्र इनके विपरीत होता है अतः भौगोलिक जलवायु भी एजिंग के लिए कारक हो सकती है।
पराबैंगनी विकिरण - सूर्य से निकलने वाली घातक पराबैंगनी विकिरणें ओजोन से फिल्टर हो कर पृथ्वी पर आती हैं लेकिन ओजोन में छिद्र बनने के कारण ये विकिरणें सीधे ही पृथ्वी पर आ जाती हैं जो स्किन कैंसर और एजिंग जैसी बहुत सी बीमारियों का कारण है। अतः सुरक्षात्मक कपड़ों और सन क्रीम आदि का इस्तेमाल करें। सीधी धूप में निकलने की बजाय हल्की धूप में निकले।
रेडियोलॉजिकल विकिरणें - रेडियोलोगिक उत्पादों से निकलने वाली विकिरणें भी एजिंग के साथ साथ त्वचा के अनेक रोगों के लिए जिम्मेदार होती है। अतः इस तरह के व्यसाय या चीजों से दूर रहें जो कि घातक विकिरणों से युक्त हो। {कब्ज का अचूक रामबाण इलाज
दिनचर्या - व्यक्ति की दिनचर्या एजिंग के लिए बड़े जिम्मेदार कारकों में से एक है, क्योंकि यदि व्यक्ति की दिनचर्चा ही अनियमित है तो इस तरह की प्रोब्लेम्स को फेश करना एक आम बात है। जिसके चलते एजिंग, वजन बढ़ना, कब्ज जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अतः अपनी दिनचर्या नियमित करें समय पर खाएं, समय पर सोयें और डेली अपने रोजमर्रा के काम करें।
खानपान - व्यक्ति का यदि खानपान सही है तो वह हर तरह से स्वास्थ्य रहता है, यदि खानपान में आप लापरवाही बरतने की कोशिश करते हो तो यह आपके लिए बहुत अधिक हानिकारक हो सकता है। अतः अपने खानपान में ध्यान दें हर रोज पोषक तत्वों युक्त भोजन करें।

Anti aging treatment in hindi. एजिंग के लिएघरेलु उपचार।

एजिंग के उपचार के लिए काम मे लिए जाने वाली वस्तुओंको एन्टी एजिंग प्रोडक्ट कहा जाता है। जो एजिंग के विरुद्ध एन्टी एजिंग के रूप में काम करती हैं। एन्टी एजिंग के रूप में यहां कुछ बेहतर और असरदार उपचार दिए जा रहे हैं जिनका प्रयोग करके आप आसानी से एजिंग के कारण होने वाली तमाम समस्याओं से निजात पा सकते हो। {मुँह के छालों का इलाज}
एन्टी एजिंग फार्मूला - इस एन्टी एजिंग फॉर्मूले के लिए आपको अनार के छिलके और गुलाब के फूलों कीआवश्यकता होगी। यह फार्मूला इतने बेहतर तरीके से काम करता है की आपमे हर तरह की स्किन प्रोब्लेम और एजिंग की सभी समस्याओं को जड़ से खत्म कर देगा।
अनार में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट, एन्टी वायरल और एन्टी बेक्टेरियल गुण उपस्थित होते है जो हमारे लिए एन्टीएजिंग के रूप में काम करते हैं। साथ ही यह अर्थराइटिस, फ्री रेडिकल्स, वीकनेस, लौ ब्लड प्रेशर आनियमित माहवारी, खून की कमी, गंजापन, बालों का झड़ना, लौ इम्युनिटी, जोड़ों में दर्द जैसी बहुत सी समस्याओं में रामबाण की तरह कार्य करता है।
इस फार्मूले को तैयार करने के लिए सबसे पहले आपको 1 किलो ग्राम अनार के गीले छिलकों और 1 किलो ग्राम ही गुलाब के फूलों की आवश्यकता होगी। जिन्हें आपको छाया में सुखाना है। अनार के छिलके धूप में सुख सकते हैं लेकिन कपड़ा डाल कर सीधे धूप में न रखें और गुलाब के फूलों को सिर्फ छाया में ही सुखाना है। जब ये दोनों ही अच्छे से सूख जाए तब गुलाब के फूलों से केवल उसकी पंखुड़ियों को चुनना है बाकी का हिस्सा फेंक दे। इसकी पंखुड़ियों को मसल कर पाउडर बना ले और इसी तरह अनार के छिलकों को भी पीस कर पाउडर बना ले। यहां एक बात का ध्यान रखें गुलाब की केवल पंखुड़ियां काम आयेंगी और अनार के छिलके को आपको हाथ से किसी दस्ते या खरल में पीसना है नाकि किसी मिक्सर में चलाना है।
जब इनका पाउडर तैयार हो जाये तब आपको दो मिट्टी के बर्तन लेने है। एक तो मिट्टी का मोटी दीवार वाला घड़ा और दूसरा उसे ढकने के लिए मिट्टी की प्लेट, इसके बाद घड़े में दो गिलास पानी डालकर आग पर रख देना है, इसके बाद इसमें 5 ग्राम गुलाब की पंखुड़ियों का पावडर और 5 ग्राम अनार के छिलको का पाउडर मिलाकर मिट्टी की प्लेट से ढक देना है और हल्की आंच पर पकाना है। जब यह पानी एक गिलास रह जाए तब इसे आग से उतार कर ऐसे का ऐसे ही छोड़ देना है, कुछ समय बाद जब इसमे से भाप निकलना बंद हो जाए और यह पानी हल्का गर्म हो तब इसका सेवन करना है। इसका सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे कि इसका प्रयोग आपको केवल खाली पेट ही करना है और इसके सेवन करने के एक घंटे बाद तक कुछ भी न खाये एक घंटे बाद केवल हल्का नास्ता ही करें। इसके लिए सुबह सूर्यौदय से पहले का समय सर्वोत्तम होता है। साथ ही आप इसका प्रयोग शाम के समय या सुबह शाम दोनों ही समय कर सकते हो। यह बहुत ही साधारण सा लेकिन सबसे बेहतर और अचूक नुस्खा है जिसका कोई भी बड़ी आसानी से प्रयोग कर सकता है और एजिंग से सम्बंधित तमाम परेशानियों को जड़ से खत्म कर सकता है। यह बहुत ही बेजोड़ नुस्खा है लेकिन इसका मतलब यह नही की आप इसका प्रयोग करोगे और तुरंत ही आपको इसका असर दिखने लग जाएगा, जी नही, आप लगातार करीब दो महीने तक इसका प्रयोग कीजिये और यकीन मानिए आपकी एजिंग से संबंधित सारी की सारी समस्याएं हल हो जाएंगी चाहे वो बालों से संबंधित हो या आपकी स्किन चाहे रक्त से जुड़ी हो या हड्डियों से सारी की सारी परेशानियां धीरे धीरे खत्म हो जाएंगी। {ब्रैस्ट कैंसर के लक्षण कारण और इलाज}
लोधराधि मास्क - यह भी एक बहुत ही अच्छा उत्पाद है एजिंग के कारण त्वचा में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए, इसकी प्रयोगशाला में जांच भी की गई जिसके परिणाम काबिल ऐ तारीफ थे। इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको लोधराधि मास्क की जरूरत होगी जिसे आप किसी अच्छे आयुर्वेदिक स्टोर से खरीद सकते हो।
इसे इस्तेमाल करने के लिए इसकी दो चम्मच मात्रा में दूध मिलाकर एक गाड़ा पेस्ट तैयार करें और इसे अपने चेहरे पर लगाये और जब यह आधे से ज्यादा सूख जाए तब इसे अपने हाथों से मल मल कर ही छुड़ाए आपको इससे कुछ ही समय मे असर दिखने लगेगा।
स्ट्राबेरी - एजिंग के कारण त्वचा में होने वाली हानि जैसे कालापन, गहरे दाग धब्बे, झुर्रियां, त्वचा की कसावट में कमी आदि समस्याओ को हल करने के लिए स्ट्राबेरी भी एक बहुत ही अच्छा तरीका है। इसके लिए कुछ स्ट्राबेरी पीस कर उसमें अंडे का सफेद भाग मिलाकर अच्छे से फेंटे और एक लेप तैयार करें, इसे अपने चेहरे लगाएं और करीब 15 - 25 मिनट बाद धो लें। ऐसा लगातार कुछ समय तक करते रहने से आपके चेहरे की त्वचा से जुड़ी सारी समस्याएं खत्म होने लग जायेगी।
सेब - हमारी त्वचा के लिए सेब भी एक बहुत ही करामाती चीज है यदि आप हर रोज खाना खाने से 10 मिनट पहले एक बिना छिला लाल सेब खाते हो तो यह आपको कुछ ही दिनों में बहुत अच्छे परिणाम देने लगेगा।
इसके अलावा आप इसका फेश मास्क भी बना सकते हो इसके लिए थोड़ा सा पका सेब और थोड़ा सा आलू लेकर इन्हें अच्छे से पीस लें, पीसने के बाद अपने चेहरे को अच्छे से धोकर साफ कपड़े से पोंछ कर इस पेस्ट को लगाए और सूखने के बाद ठंडे पानी से दो लें।
बर्फ - एजिंग की समस्या को दूर करने के लिए बर्फ भी एक बहुत ही बेस्ट ऑप्सन है जल्दी सुबह आप उठें और अपनी नित्य क्रिया से फ्री होकर बर्फ के टुकड़े से अपने चेहरे की अच्छे से मसाज करें। यह आपकी त्वचा में होने वाली हर तरह की समस्या के लिए रामबाण औसधि की तरह कार्य कर उसे जड़ से खत्म कर देता है। चाहे वो कील मुहाँसों से जुड़ी हो या चेहरे पर होने वाले छिद्रों से संबंधित हो सब के लिए यह एक बेहतर तरीका है। {डायबिटीज़ (मधुमेह) डाइट चार्ट}
केला - एन्टी एजिंग के लिए केला बहुत ही असरदार होता है क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट और कई विटामिन्स से भरपूर होता है इसमें विटामिन A और विटामिन E भरपूर मिलती है इसको प्रयोग में लाने के लिए इसका गाड़ा लेप बनाया जाता है। इसके लिए किसी कटोरी में एक केले को मसल कर थोड़ा सा शहद मिलाया जाता है और अच्छे से फेंट कर एक लेप तैयार किया जाता है। जिसे करीब 30 मिनट तक चेहरे पर सुखाया जाता है और बाद में ठंडे पानी से धोलिया जाता है। इसी तरह आप भी इसका लेप बनाकर इस्तेमाल कर सकते हो।
दही - दही का प्रयोग अक्सर लोग बालों के लिए करते है यदि आपके बाल झड़ते है या आपको गंजेपन की शिकायत है या सिर में रूसी है दो मुहे बाल या बढ़ाने के लिए सब मे यह बहुत ही अच्छे से काम करता है। लेकिन यदि आप दही में हल्की सी चीनी या शहद डालकर झाइयों पर मसाज करते हो तो धीरे धीरे ये आसानी से खत्म हो जाती है। यानी यह हमारी त्वचा के मृत कोशिकाओं (डेडसेल्स) को हटाने का काम करता है और लेक्टिक अम्ल की उपस्थिति के कारण त्वचा में कसावट लाता है और कील मुहाँसों के लिए भी यह पेस्ट बहुत ही लाभकारी है।
ओलिव ऑइल - ओलिव ऑइल में एंटीऑक्सीडेंट, एन्टीफंगल, और एन्टी बैक्टेरियल गुणों की भरमार होती है। आयुर्वेद में इसे बहुत सारी दवाओं में एक आधारी औसधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ओलिव ऑइल में एन्टीएजिंग के गुणों की प्रचुरता पायी जाती है जो स्किन का ढीलापन फंगल और बैक्टेरियल इंफेक्शन, स्किन के जिद्दी दाग, नई कोशिकाओं का पुननिर्माण आदि के लिए बेहद फायदेमंद है।
एलोवेरा - एलोवेरा को हम अपनी भाषा मे ग्वार पाठा के नाम से भी जानते है यह पुराने समय से ही हमारी त्वचा और बालों के इस्तेमाल किया जाता आ रहा है। इसे प्रयोग करने के लिए इसके विषाक्त भाग को अलग करके इसका पेस्ट तैयार किया जाता है जो कि बालों और स्किन दोनों में ही इस्तेमाल करने योग्य होता है इसे आप कभी भी प्रयोग में ला सकते हो, बस इस्तेमाल करने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से धो कर साफ कपड़े से साफ जरूर कर लें। {कील मुहांसों का पक्का इलाज}
मुल्तानी मिट्टी - मुल्तानी मिट्टी को भी पुराने समय से ही त्वचा को ठंडक पहुंचाने और मुलायम व चमकदार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुल्तानी मिट्टी में बहुत सारे गुण पाए जाते है जो इसकी महत्ता को दुगना कर देते है। इसे गलाकर बालों पर भी इस्तेमाल किया जाता है जिससे बाल मुलायम और चमकदार बनते हैं। गर्मियों में इसे घमोरियों पर लगाया जाता है जो काफी फायदेमंद होता है।
कीचड़ - एक रिसर्च में यह साबित किया गया कि मड थेरेपी स्किन के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होती है साथ ही यह एंटी एजिंग पैक के रूप में काम करती है। इसके लिए मुलायम, बारीक और चिकनी मिट्टी का चुनाव किया जाता है और पूरे शरीर पर इसका लेप किया जाता है इस प्रक्रिया को मड थेरेपी कहा जाता है। यह थेरेपी त्वचा को आंतरिक ठंडक देती है साथ ही सूर्य से निकलने वाली पैराबैंगनी विकिरणों के प्रभाव को कम कर राहत देती है तथा इनसे बचाव करती है, साथ ही यह स्किन कैंसर और त्वचा में होने वाली तमाम आंतरिक और बाहरी समस्याओ के लिए एक टॉनिक का काम करती है।
नारियल - नारियल का तेल कई गुणों से लबालब भरा होता है जिसमे मिनेरल्स और फ्रूट्स विटामिन प्रचुर होती है यह त्वचा और बालों को मुलायम और शाईनी बनाये रखता है। इसका प्रयोग करने के लिए एक आधे कच्चे नारियल का चुनाव किया जाता है जिसे कूट कर उसका दूध निकाला जाता है जिसे आप अपनी त्वचा पर सामान्य तौर पर प्रयोग कर सकते हो। {चेहरे पर तुरंत निखार के लिए सब्जियां}
बेसन और हल्दी - बेसन और हल्दी का फेश पैक त्वचा पर असमय हुई एजिंग से संबंधित तमाम समस्याओं के लिए किया जाता है जो अपने आप मे एक बेहद ही कारगर औसधि कहलाती है। यह कील मुहासों से लेकर त्वचा के कालेपन और ज़िद्दी दाग धब्बों को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम करता है।
इसे तैयार करने के लिए कच्चे दूध में हल्दी और बेसन को समान मात्रा में मिलाया जाता है और एक गाड़ा पेस्ट तैयार किया जाता है। इसे रात को सोते समय लगाया जाता है और सुबह ठंडे पानी से धो लिया जाता है।
निम्बू और संतरे का छिलका - निम्बू और संतरे के छिलके का पाउडर भी एन्टी एजिंग औसधि के रूप में बेहतर तरीके से काम करता है। यह एक तरीके के क्लीनर का काम करता है जो हमारी त्वचा पर उपस्थित मृत कोशिकाओं को हटा कर नई कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है।
इसे बनाने के लिए संतरे के छिलके को छांयासूख करके पाउडर बनाया जाता है और इसमें निम्बू का रस मिला कर स्क्रब किया जाता है, जो त्वचा पर अनचाहे धब्बों और मृत कोशिकाओं आसानी से दूर कर देता है।

Anti aging tips in hindi. एंटीएजिंग के लिए जरूरी बातें।

एजिंग एक ऐसी समस्या है जो हमारे अंदर से शुरू होती है, जिन्हें केवल अंदर से ही ठीक किया जा सकता है। आप बाहरी तौर पर उनके लिए कुछ भी इस्तेमाल कर सकते हो लेकिन आपको वैसा फल नही मिलेगा जिसकी आपको उम्मीद थी। हाँ इस बात से हम जरूर सहमत है कि आपको फायदा मिलेगा  और जल्दी भी मिलेगा। लेकिन अस्थाई, क्योंकि यह समस्या हमारे तन के अंदर से है और जब तक हम इसका आंतरिक तौर पर इलाज नही करेंगे तब तक हमे इसका सही फल नही मिलेगा। बेसक समय ज्यादा लग जाये लेकिन इसकी रूठ काटना जरूरी होता है। {अनचाहे गर्भ से कैसे छुटकारा पाए}
एजिंग (aging) के अंदर बहुत सारी समस्याएं होती है जिनकी हम ऊपर चर्चा कर चुके हैं उनमें से यदि आप त्वचा और बालों से सम्बन्धीय समस्या से परेशान है तो आप बाहरी तौर पर भी बहुत सी चीजों का इस्तेमाल कर सकते हो जो कि हमने बहुत सारी उनके प्रयोग के तरीके के साथ बताई है। लेकिन और एजिंग से सम्बंधित समस्या के लिए आपको उसे अंदर से ही काटना होगा। इसके लिए हमने शुरू में एक सबसे बेस्ट और अचुक नुस्खे के बारे में बताया है आप उसका उपयोग कर सकते हो, यह आल इन वन है जो हर तरह की एजिंग (aging) से संबंधित समस्या का काल है। इसके साथ ही कुछ जरूरी बातें हैं जिन पर भी अमल जरूर करें।
  • अपने खाने में पोषक तत्वों (nutrients) की उपस्थिति का खयाल जरूर रखें, नियमित रूप से पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें।
  • अपने शरीर के लिए पानी की जरूरत और उसका उपयोग इसका जरूर ध्यान रखें क्योंकि जब तक आपमे पानी की कमी रहेगी तब तक आपके लिए सब कुछ करना बेकार है।अतः अपनी दिनचर्या में तरल पदार्थों (liquids) को जरूर शामिल करें।
  • फ्रूट ज्यूस, छाछ, दही, दूध आदि को अपने नास्ते व भोजन जरूर लें ये उत्पाद सभी तरह के पोषक तत्वों (nutrients) से भरपूर होते हैं।
  • रात को जल्दी सोए और सुबह जल्दी उठें, पर्याप्त नींद लें।
  • सीधी धूप से बचें इसके लिए सुरक्षात्मक कपड़ों (protective cloths) और चश्मे का उपयोग करें।
  • बाजारू खाने या बेकार ख़ाद्य (junk food) आदि के उपयोग से बचें या कम से कम उपयोग करें।
  • अपनी पाचन और उपापचय क्रिया (metabolism) को सुचारु रखें।
  • खून (blood) में उपस्थित विषाक्त (poisonable) पदार्थों को दूर करें। इसके लिए खून साफ करने वालीसिरफ (siraf) या निम्बू के रस का उपयोग करें।
  • स्मोकिंग और श-राब आदि से हमेशा दूर रहे। {पथरी का अचूक और रामबाण इलाज}

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